
'पहले आओ, पहले पाओÓ में बटेंगे मछली पालन के 22 करोड़ रुपए
रायपुर.प्रदेश में मछली पालन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इस बार छत्तीसगढ़ मछली पालन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया में एक नई शर्ते जोड़ दी है, जो 'पहले आओ, पहले पाओÓ की है।
इस बार नवीन तालाब निर्माण के तहत किसानों को दो हेक्टेयर तालाब निर्माण की इजाजत होगी। प्रति हेक्टेयर लागत सात लाख रुपए निर्धारित है। इसमें सामान्य वर्ग को 40 और आरक्षित वर्ग को 60 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। वहीं मत्स्य बीज संवर्धन पोंड निर्माण के लिए छह लाख रुपए। रिटेल आउट-लेट की स्थापना के लिए 10 लाख, ऑटो सह आईस बॉक्स के लिए दो लाख, केज स्थापना के लिए तीन लाख और सहायता अनुदान के बतौर एक लाख रुपए मिलेंगे। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने 22 करोड़ रुपए जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक 17 मार्च को केंद्र सरकार ने मछली पालन की योजनाओं की समीक्षा के लिए राज्य के अधिकारियों को बुलाया है। इस दौरान 2020-21 और 2021-22 के बजट पर चर्चा होगी।
आप देखिएगा, आवेदनों की संख्या इतनी अधिक होगी कि सभी को योजनाओं का लाभ नहीं दे पाएंगे। वे आवेदन अगले साल के लिए फॉरवर्ड हो जाएंगे।वीके शुक्ला, संचालक, मछली पालन संचालनालय
Updated on:
09 Mar 2020 08:41 pm
Published on:
09 Mar 2020 08:41 pm
