
JEE Main Exam: देश के टॉप आईआईटी, एनआईटीज और इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जेईई मेंस सेशन-2 के एग्जाम 2 से 4 अप्रेल तक होंगे। एग्जाम को लेकर कैंडिडेट्स की तैयारी भी जोरों पर है। वे जहां रोजाना मॉक टेस्ट देकर अपनी प्रतिभा का आंकलन कर रहे हैं, वहीं रीविजन के लिए प्रीवियस ईयर के लिए क्वेश्चन पेपर्स को सॉल्व करने में जुटे हैं। एग्जाम में इन आखिरी दिनों में स्टूडेंट्स को चाहिए कि बिना किसी नई तैयारी के पुरानी तैयारी पर ही ध्यान देना होगा। सेशन 1 की परीक्षाएं 22 से 29 जनवरी तक चली थीं।
हर परीक्षा का बेस प्रीवियस पेपर होते हैं। जेईई परीक्षा में भी 10 से 15 साल पुराने पेपर्स सॉल्व करना सॉलिड बेस बन सकते हैं। पेपर सॉल्विंग के दौरान जिन पोर्शन में अटकाव या मुश्किल हो रही है, उसे ड्रॉप करना ही बेहतर होगा। उसके बदले किसी अन्य ऑप्शन की तैयारी करें।
सेशन 2 के लगभग डेढ़ महीने बाद 18 मई को जेईई एडवांस का पेपर होगा। मेंस सेशन-2 देते ही छात्रों को एडवांस की तैयारी में जुटना होगा। यदि वे एडवांस क्रैक भी नहीं कर पाते हैं, तब कैंडिडेट्स के पास एनआईटी में दाखिले का ऑप्शन मिल ही जाएगा। जेईई मेंस के दोनों सेशन में स्टूडेंट्स के जिसमें बेस्ट परसेंटाइल आएंगे वे संबंधित संस्थान में दाखिले के लिए दावेदार होंगे।
एक्सपर्ट के. सिंह ने कहा कि छात्रों को एक्स्ट्रा कोचिंग और क्रैश कोर्स के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। इस बीच कोई नए प्रयोग भी ना करें। सेल्फ स्टडी पर फोकस करें और खुद के शॉर्ट नोट्स से रिवीजन करें। प्रीवियस क्वेश्चन पेेपर्स को लगातार सॉल्व करते रहें।
Updated on:
31 Mar 2025 02:25 pm
Published on:
31 Mar 2025 02:25 pm
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