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माघी पूर्णिमा पर श्री राजीव लोचन का जन्मोत्सव मनाने आते हैं भगवान जगन्नाथ

ओडिशा के जगन्नाथपुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के पट रहेंगे बंद भगवान जगन्नाथ आएंगे छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में माघी पुन्नी मेला त्रिवेणी संगम तट पर लगेगा 9 फरवरी से महाशिवरात्रि तक

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माघी पूर्णिमा पर श्री राजीव लोचन का जन्मोत्सव मनाने आते हैं भगवान जगन्नाथ

राजिम माघ पुन्नी मेला है नई सरकार की नई सोच का आईना
[typography_font:18pt]राजीव लोचन मंदिर आठवीं शताब्दी का
राजिम को धर्मनगरी और लोककला संस्कृति का गढ़ कहा जाता है। राजिम में पैरी, सोंढूर और महानदी का पवित्र संगम स्थल त्रिवेणी है। यहां महानदी के तट पर राजीव लोचन मंदिर है। यह मंदिर यहां सभी मंदिरों से प्राचीन है। मंदिर में लगे अभिलेख के आधार पर इसे आठवीं शताब्दी का माना जाता है। इस अभिलेख में महाराजा विलासतुंग द्वारा विष्णु के मंदिर के निर्माण करने का वर्णन है। राजीव लोचन की विग्रह मूर्ति के एक कोने में गजराज को सूंड में कमलनाल पकड़े उत्कीर्ण किया गया है।
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[typography_font:18pt]गजराज को बचाया था विष्णु ने
मान्यता अनुसार ग्राह के द्वारा प्रताडि़त गजराज ने अपनी सूंड में कमल के फूल को पकड़कर श्री राजीव लोचन को अर्पित किया था। इस कमल के फूल के माध्यम से गजराज ने अपनी सारी वेदना विष्णु भगवान के सामने निवेदित की थी। विष्णु जी उस समय विश्राम कर रहे थे। महालक्ष्मी उनके पैर दबा रही थीं। गजराज की पीड़ा को देखते ही भगवान विष्णु तुरंत उठकर नंगे पैर दौड़ते हुए राजीव क्षेत्र में पहुंचे और गजराज की रक्षा की थी।
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[typography_font:18pt]त्रिवेणी संगम पर कुलेश्वर महादेव
राजिम में त्रिवेणी संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव का मंदिर है। कुलेश्वर महादेव के संबंध में किवदंती है कि 14 वर्ष के वनवास काल में माता सीता ने संगम स्थल में स्नान कर अपने कुलदेवता की रेत से विग्रह बनाकर पूजा-अर्चना की थी। इसी कारण उनका नाम कुलेश्वर महादेव है। राजिम में प्रतिवर्ष माघी पुन्नी से महाशिवरात्रि तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
[typography_font:14pt;" >रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्रयागराज के नाम से प्रसिद्ध राजिम में माघी पुन्नी मेला अपने प्राचीन और पारम्परिक स्वरूप में 9 फरवरी माघ पूर्णिमा को भरेगा। गरियाबंद जिले के राजिम स्थित त्रिवेणी संगम के तट पर यह मेला महाशिवरात्रि 21 फरवरी तक आयोजित होगा। देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले राजिम माघी पुन्नी मेला का विशेष महत्व है। भगवान श्री राजीव लोचन का जन्मोत्सव माघी पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस दिन ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का पट बंद रहता है, क्योंकि भगवान जगन्नाथ श्री राजीव लोचन यानी भगवान विष्णु का जन्मोत्सव मनाने राजिम आते हैं।
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