scriptMore than 100 seats will be increased in many medical courses | बायो स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी... मेडिकल में कई कोर्स में बढ़ेंगी 100 से ज्यादा सीटें, होगी स्पेशल पढ़ाई | Patrika News

बायो स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी... मेडिकल में कई कोर्स में बढ़ेंगी 100 से ज्यादा सीटें, होगी स्पेशल पढ़ाई

locationरायपुरPublished: Jan 16, 2024 03:34:16 pm

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Kanakdurga jha

Medical College : प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र से पोस्ट ग्रेजुएट की 100 से ज्यादा सीटें बढ़ने की संभावना है।

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Raipur Medical College : प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में नए सत्र से पोस्ट ग्रेजुएट की 100 से ज्यादा सीटें बढ़ने की संभावना है। इन सीटों को शुरू करने के लिए प्रारंभिक रूप से राज्य सरकार से मंजूरी व हैल्थ साइंस विवि एफिलिएशन मिल गया है। हालांकि इन सीटों में एडमिशन के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन की मंजूरी अनिवार्य होगी। एनएमसी से अप्रूवल का इंतजार किया जा रहा है।
एनएमसी की टीम ने सीटें शुरू करने के लिए जल्द कॉलेजों का निरीक्षण करेगी। वर्तमान में प्रदेश के 8 कॉलेजों में पीजी की 518 सीटें हैं। इनमें 259 सीटें स्टेट कोटे की है। प्रदेश के 6 सरकारी व 2 निजी मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स संचालित किया जा रहा है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 400 के आसपास सीटें हैं। सबसे ज्यादा सीटें पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 150 सीटें हैं। अगले सत्र से तीन सरकारी व एक निजी कॉलेज में पीजी कोर्स शुरू होगा।
सिम्स बिलासपुर ने 3 विभागों, रायगढ़ में भी तीन विभाग व जगदलपुर में दो विभाग में पीजी कोर्स को हैल्थ साइंस विवि से एफिलिएशन मिल गया है। वहीं निजी में रायपुर स्थित बालाजी मेडिकल कॉलेज को 20 विभागों में 100 सीटों के लिए एफिलिएशन मिल गया है। इस कॉलेज में पहली बार पीजी कोर्स शुरू होगा। वहीं रिम्स रायपुर व शंकराचार्य कॉलेज भिलाई में पहले से पीजी कोर्स चल रहा है। हैल्थ साइंस विवि के अधिकारियों ने बताया कि जरूरी निरीक्षण के बाद सरकारी व निजी कॉलेज को एफिलिएशन जारी किया गया है। राज्य शासन से अनुमति व विवि से एफिलिएशन मिलने के बाद अब एनएमसी की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो अगस्त से शुरू होने वाले नए सत्र में नीट पीजी क्वालिफाइड छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा।
इस बार जुलाई में नीट पीजी

इस बार नीट पीजी का आयोजन 7 जुलाई को होगा। पहले 3 मार्च को इसका आयोजन होना था। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेस यानी एनबीईएमएस ने हाल ही में परीक्षा की तारीख चार महीने आगे बढ़ा दी है। इससे नीट पीजी की तैयारी कर छात्र मायूस हैं। 15 अगस्त तक इंटर्नशिप पूरी करने वाले एमबीबीएस छात्र नीट पीजी में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।
पहली बार राज्य शासन से मंजूरी लेना अनिवार्य

सीटें बढ़ने का सबसे बड़ा असर ये होगा कि इससे प्रदेश में ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर बनेंगे। एमडी व एमएस डिग्री के बाद एमबीबीएस पास डॉक्टर विशेषज्ञ डॉक्टर बन जाता है। मेडिसिन, ऑब्स एंड गायनी, पीडियाट्रिक, जनरल सर्जरी, रेडियोथैरेपी, चेस्ट, स्किन, साइकेट्री, ऑर्थोपीडिक्स, ईएनटी, ऑप्थेलमोलॉजी में एमडी-एमएस की डिग्री मिलती है। वहीं रेडियो डायग्नोसिस, पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी व बायो केमेस्ट्री में एमडी पास डॉक्टर सोनोग्राफी विशेषज्ञ से ब्लड जांच विशेषज्ञ बनते हैं। चूंकि आधी सीटें स्टेट कोटे की होती है इसलिए इसमें मूल निवासियों को एडमिशन में प्राथमिकता दी जाती है।
पीजी कोर्स शुरू करने के लिए पहली बार सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों को राज्य शासन की मंजूरी की जरूरत पड़ रही है। पहले पीजी के लिए यह नियम नहीं था। हैल्थ साइंस विवि के एफिलिएशन व एनएमसी की मंजूरी के बाद पीजी कोर्स शुरू हो जाता था। वहीं एमबीबीएस कोर्स में राज्य शासन की मंजूरी अनिवार्य थी। कॉलेजों को प्रति विभाग जरूरी फीस एनएमसी व विवि को चुकानी होती है। इसके बाद ही दिल्ली से टीम आकर कॉलेजों का निरीक्षण करती है। टीम एनएमसी को रिपोर्ट प्रस्तुत करती है। इसके बाद जरूरी फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर व मशीनों के अनुसार विभागवार सीटों की मान्यता मिलती है।
सीटें बढ़ने से ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर बनेंगे


सरकारी व निजी कॉलेजों में इस साल एमडी-एमएस की सीटें बढ़ने की संभावना है। इसके लिए राज्य शासन से मंजूरी व हैल्थ साइंस विवि से एफिलिएशन मिल गया है। एनएमसी निरीक्षण कर सीटों को मंजूरी देगी।
- डॉ. विष्णु दत्त, डीएमई

क्लीनिकल व नॉन क्लीनिकल विभाग में पीजी कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किया गया है। पीजी कोर्स शुरू होने का फायदा छत्तीसगढ़ के छात्रों को होगा। एनएमसी की टीम कभी भी निरीक्षण के लिए आ सकती है।
- डॉ. देवेंद्र नायक, चेयरमैन बालाजी मेडिकल कॉलेज

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