
Chhattisgarh News: विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की गैरमौजूदगी में मंत्री केदार कश्यप ने नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन के पटल में रखी। इस रिपोर्ट में वर्ष 2016 से 2022 तक की स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन किया गया। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं और स्टॉफ की भारी कमी सामने आई है।
इसके अलावा दवा और उपकरण खरीदी में करोड़ों की गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल सर्विसेस निगम लिमिटेड (सीजीएमएससीएल) ने 49.68 करोड़ के ऐसे मेडिकल उपकरण खरीदे हैं, जिनका कोई उपयोग ही नहीं हो रहा है। ( Chhattisgarh Health News ) 33.63 करोड़ की दवा एक्सपायरी हो गई और सीजीएमएससीएल ने ब्लैकलिस्ट कंपनी से 24 करोड़ की दवा खरीदी की।
कैग की रिपोर्ट के अनुसार सीजीएमएससीएल छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम के अनुसार क्रय नियम तैयार नहीं कर सकी। इसका नुकसान भी उठाना पड़ा। केंद्रीयकृत एजेंसी होने के बावजूद 97.93 करोड़ की दवा स्थानीय स्तर पर खरीदी गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उपकरण क्रय करने में सीजीएमएससीएल में की निविदा मूल्यांकन प्रणाली में गंभीर कमियां थीं। इसलिए निविदा आमंत्रित किए बिना 129.27 करोड़ की लागत वाले रीजेंट क्रय किए गए थे।
तकनीकी जांच के बिना आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलीभगत कर 30.48 करोड़ रुपए का अनियमित क्रय किया गया। बिना आवश्यकता के 23.09 करोड़ के बायोसेफ्टी कैबिनेट, कैलोरीमीटर एवं माइक्रो पिपेट खरीदे गए। वहीं 23 जिला अस्पतालों में आईपीएचएस मानकों के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सों के 3 फीसदी, स्टाफ नर्स की 27 फीसदी और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 फीसदी कमी है।
Updated on:
27 Jul 2024 01:02 pm
Published on:
27 Jul 2024 01:01 pm
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