महंगी पार्टी की लत ने डाला दोस्ती में दरार, क्राइम पेट्रोल देखकर बनाया मर्डर का प्लान और कर दी कांग्रेस पार्षद के भतीजे की हत्या

- कांग्रेस पार्षद के भतीजे की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
- क्राइम पेट्रोल देखकर की थी प्लानिंग

- शव मिलने के बाद हुआ खुलासा

By: Ashish Gupta

Updated: 17 Feb 2021, 01:30 PM IST

रायपुर. कमाई कुछ नहीं, ऊपर से महंगी पार्टी करने के शौक ने दोस्ती के बीच दरार पैदा कर दी और नौबत हत्या तक पहुंच गई। खमतराई के कांग्रेस पार्षद के भतीजे की हत्या करने वाले तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मृतक के दोस्त हैं और अक्सर आपस में खाने-पीने की पार्टी किया करते थे।

पार्टी करने के शौक के चलते एक आरोपी ने अपनी महंगी बाइक भी गिरवी रख दी थी। उससे मिले 20 हजार मृतक को उधार में दिया था। बाद में बाइक को छुड़ाने के लिए मृतक पैसे नहीं दे रहा था। इससे चिढ़कर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी थी। 6 दिन बाद उसका शव मिलने पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले का खुलासा करते हुए एएसपी शहर लखन पटले ने बताया कि कांग्रेस पार्षद अंजली विभार और राधेश्याम विभार के भतीजे जतिन कुमार राय की 9 फरवरी को उसके ही दोस्त प्रदीप नायक, सुजीत तांडी और केवी दिवाकर ने मिलकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसके शव को ट्राली बैग में भरकर खम्हारडीह के चंडी नगर खार में स्थित कुएं में फेंक दिया था। दूसरी ओर जतिन के परिजनों खमतराई थाने में उसके लापता होने की शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। लेकिन 6 दिन तक जतिन का कुछ पता नहीं चल पाया था।

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यह थी हत्या की वजह
पुलिस के मुताबिक डब्ल्यूआरएस के प्रेम नगर में रहने वाले प्रदीप नायक म्यूजिक और डांस सिखाता है। उसकी जतिन, सुजीत तांडी, केवी दिवाकर से दोस्ती थी। कुछ माह पहले प्रदीप ने 40 हजार रुपए डाउन पेमेंट करके महंगी केटीएम बाइक खरीदी थी। इसका हर माह 6 हजार रुपए इंस्टालमेंट आता था। इस बीच उसे पैसों की जरूरत पड़ी।

उसने अपनी बाइक 30 हजार रुपए में एक व्यक्ति के पास गिरवी रख दिया। इससे मिली राशि में से 20 हजार रुपए जतिन को ब्याज में दे दिया। बाकी के 10 हजार रुपए को प्रदीप ने अपने पिता के इलाज में खर्च कर दिया। बाइक को गिरवी रखने के बाद प्रदीप ने फायनेंस कंपनी में दिए अपने मोबाइल नंबर को बंद कर दिया और दो माह से वह किस्त जमा नहीं कर पाया। इसके बाद रिकवरी एजेंट उसके घर पहुंच गए।

इससे प्रदीप के घर वालों को बाइक गिरवी रखने का पता चला। घर वालों ने उस पर बाइक जल्द छुड़ाने के लिए दबाव बनाया। इस कारण प्रदीप ने जतिन पर 20 हजार रुपए वापस देने के लिए कहा। जतिन पैसे देने में आनाकानी करता रहा। उसकी टालमटोल से चिढ़कर प्रदीप ने उसकी हत्या की साजिश बनाई।

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साउंड सिस्टम तेज किया, ताकि शोर बाहर न जा सके
प्लानिंग के तहत प्रदीप ने जतिन को 9 फरवरी को अपने घर बुलाया। बाहर जाने के बहाना करके उससे एक ट्राली बैग भी मंगवाया। वहां पहले से सुजीत था। पार्टी करने के लिए सुजीत और जतिन शराब लेकर आए। इसके बाद तीनों ने शराब पी। फिर सुजीत बाहर निकल गया। प्रदीप ने साउंड सिस्टम की आवाज बढ़ा दी और जतिन का टॉवेल से गला घोंटने लगा, लेकिन जतिन भारी पडऩे लगा। फिर सुजीत भीतर गया और दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया।

अगले दिन कुम्हारी से किया मैसेज
घटना के अगले दिन सुजीत अपने घर ओडिशा भाग गया। इससे आरोपी प्रदीप अकेला पड़ गया। अगले दिन उसने सन्यासीपारा निवासी केवी दिवाकर को पैसे का लालच देकर साजिश में शामिल किया और प्लानिंग के तहत दिवाकर जतिन का मोबाइल लेकर कुम्हारी चला गया। दूसरी ओर प्रदीप जतिन के परिजनों के साथ थाने जाकर उसके गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कराने में मदद करने लगा।

कुम्हारी पहुंचकर दिवाकर ने जतिन के मोबाइल से उसके पिता देवकुमार को मैसेज किया। मैसेज में उसने खुद को ठीक बताते हुए कर्ज के चलते बाहर जाने की जानकारी दी। फिर उसी शाम उसका फोन बंद बताने लगा। इसकी सूचना परिजनों ने खमतराई पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने प्रदीप और दिवाकर से पूछताछ की, लेकिन तीनों कुछ नहीं बता रहे थे। पुलिस कई बार पूछताछ करके प्रदीप और दिवाकर को छोड़ चुकी थी।

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कई बार देखा क्राइम पेट्रोल
जतिन से पैसे नहीं मिलने से प्रदीप ने उसकी हत्या करने की प्लानिंग की। इसके बाद उसने क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया जैसे क्राइम आधारित कई सीरियल देखे। उसमें दिखाए हत्या के तरीकों को देखकर प्लानिंग की थी। आरोपियों को उम्मीद थी कि जतिन का शव किसी को नहीं मिलेगा, लेकिन जतिन का शव मिल गया। इसके अलावा पुलिस ने शराब दुकान से जतिन और सुजीत का सीसीटीवी फुटेज भी निकाल लिया था। इसके बाद प्रदीप टूट गया और हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को धारा 302, 201, 34 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

चोरी के पैसों से खरीदी बाइक
पुलिस के मुताबिक मृतक और सभी आरोपी अक्सर खाने-पीने की पार्टी किया करते थे। इसमें काफी पैसा खर्च करते थे, लेकिन आमदनी किसी की नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक प्रदीप ने अपने पड़ोस के एक अंकल के खाते से करीब 70 हजार रुपए पार कर दिए थे। उसी राशि में से 40 हजार डाउनपेमेंट देकर केटीएम बाइक खरीदी थी। बाकी राशि को दोस्तों के साथ पार्टी करके उड़ा दिया था।

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