
अक्टूबर में छत्तीसगढ़ आ सकते हैं राहुल गांधी, बस्तर और सरगुजा का करेंगे दौरा
रायपुर. सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाने के लिए कांग्रेस (Congress) मुख्यालय राजीव भवन में मैराथन बैठक हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़ ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस प्रस्ताव के प्रस्तावक बने। इसका समर्थन प्रदेश प्रभारी पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित बैठक में शामिल सभी प्रदेश और जिलों के पदाधिकारियों ने किया। बताया जाता है कि दिल्ली के बाद छत्तीसगढ़ दूसरा राज्य है, जो राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया है।
10 मंत्रियों ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड
प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम की मौजूदगी में हुई इस बैठक में 10 मंत्रियों ने जहां अपने रिपोर्ट कार्ड पेशकर अपने कामों का लेखा-जोखा दिया। वहीं संगठन ने कुछ नाराजगी के साथ व्यवस्था में सुधार का सुझाव दिया। इस पर संगठन की नाराजगी दूर करने के लिए प्रदेश स्तर की तरह जिला और ब्लॉक में भी बैठक लेने की हिदायत दी गई। इस बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री भी शामिल रहेंगे।
बैठक में जिला अध्यक्ष और जिलों के प्रभारियों नेको बोलने का मौका मिला तो, उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और अहम सुझाव भी दिए। बैठक के बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि बैठक में प्रदेश सरकार के कामकाज के साथ जन घोषणा पत्र में किए गए वादों की जानकारी जिलाध्यक्षों और प्रभारियों को दी गई है। इस दौरान जिलाध्यक्षों और प्रभारियों की जिज्ञासों का भी समाधान किया गया।
कलेक्टरों और अधिकारियों की शिकायत
बैठक में कुछ जिलाध्यक्षों ने कहा कि कलेक्टर उनकी मांगों और बातों को महत्व नहीं देते हैं। इस पर यह तय हुआ है कि जिलाध्यक्षों के पत्रों का जवाब मंत्री जरूर देंगे। इसके अलावा बैठक में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों की भी शिकायत हुई है। कुछ जिलाध्यक्षों ने जिले में काम नहीं होने और कुछ ने काम की धीमी गति को लेकर नाराजगी जताई।
लिखित में देंगे घोषणा पत्र पूरा होने की जानकारी
लगभग सभी मंत्रियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़े घोषणा पत्र पूरा होने की जानकारी दी। इस पर निर्देशित किया गया है, कि सभी लिखित में इसकी जानकारी जिलाध्यक्षों को देंगे। इसके आधार घर-घर जाकर सरकार की उपलब्धियों को बताने का काम किया जाएगा।
सत्ता और संगठन की बात रखने वाले भी असंतुष्ट
बैठक में सत्ता और संगठन की बात रखने वाले प्रवक्ताओं में भी नाराजगी दिखाई दी। दरसअल, प्रदेश प्रभारी शाम को कांग्रेस संचार विभाग की बैठक भी लेने वाले थे। इसमें प्रदेश प्रवक्ताओं के अलावा जिले से भी पदाधिकारियों को बुलाया गया था। इस बीच कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष असम दौरे पर चले गए। इस वजह से प्रदेश प्रभारी ने बैठक नहीं ली। इससे प्रवक्ताओं का एक धड़ा नाराज हो गया।
Published on:
07 Feb 2021 10:47 am
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