भ्रष्टाचार में फंसे भूपेश बघेल, मां और पत्नी पर भी केस दर्ज

बघेल पर आरोप है  कि उन्होंने साडा सदस्य रहते हुए पद का दुरुपयोग कर भिलाई-3 की मानसरोवर योजना में गलत तरीके से अपनी पत्नी और मां के नाम 6-6 प्लाट आवंटित करवाए

रायपुर. राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ  भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।  इसमें उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी और मां बिंदेश्वरी को भी आरोपी बनाया गया। बघेल पर आरोप है  कि उन्होंने साडा सदस्य रहते हुए पद का दुरुपयोग कर भिलाई-3 की मानसरोवर योजना में गलत तरीके से अपनी पत्नी और मां के नाम 6-6 प्लाट आवंटित करवाए। 2014 में बघेल के भतीजे  और भाजपा नेता विजय बघेल ने इसकी शिकायत  ईओडब्ल्यू में दी। यह करीब 3 साल से  ईओडब्ल्यू में लंबित चल रही थी। एसपी अरविंद कुजूर ने बताया कि बघेल और उनके परिवार का 420, 120बी तथा भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

यह है मामला

भिलाई-3 की मानसरोवर योजना आवासहीन और निम्न आय वर्ग के लोगों को लिए यह योजना थी। लेकिन, 1995 में विधायक और साडा के मानद सदस्य पद पर रहते हुए बघेल ने अपनी पत्नी मुक्तेश्वरी और मां बिंदेश्वरी के नाम पर एलआईजी के 6-6 प्लाट आवंटित करवा लिया था। आरोप है कि ये प्लाट कम आय वर्ग के लिए थे, लेकिन  बघेल ने दस्तावेजों में अपनी आय 25 हजार रुपए से कम दिखाई।  नियमों में एक व्यक्ति को दो से अधिक प्लाट नहीं दिए जा सकते। 

अधिकारियों के  खिलाफ भी जांच

दस्तावेजों में हेराफेरी कर जमीन को गलत तरीके से आवंटित करने के आरोप में साडा और निगम के तात्कालीन अफसरों के खिलाफ भी जुर्म दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू  के अनुसार जमीन का हस्तातंरण करने संबंधी पत्रों की जांच कर रही है।  इसके आधार पर बाद में नामजद मामला दर्ज होगा।


परिजनों पर जमीन कब्जे की भी शिकायत

भूपेश बघेल के परिजनों के खिलाफ भी कुरुदडीह में जमीन कब्जे की शिकायत हुई थी। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार के माध्यम से जमीन की नाप-जोख भी करवाई थी। इसकी रिपोर्ट भी शासन तक पहुंच गई है।  राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कब्जे की पुष्टि की थी। बताया जाता है कि जांच रिपोर्ट में भूपेश के परिजनों द्वारा किसानों की 40 एकड़ से अधिक जमीन पर कब्जे की पुष्टि हुई थी। इस मामले में भी भूपेश के परिजनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

राजनीतिक बौखलाहट में दर्ज किया मामला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने मीडिया से कहा, कमीशनखोरी के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए सरकार ने उनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया है। यह मामला जमीन और मकान की जांच से ज्यादा सीएम और अजीत जोगी की राजनीतिक बौखलाहट से जुड़ा है। उन्होंने कहा, सीएम इस केस के जरिए अजीत जोगी को संतुष्ट करना चाहते हैं। राज्य गठन के बाद से कई बार मेरी जमीन और मकान के कागजातों की जांच कराई गई, पर किसी को कुछ नहीं मिला। बघेल ने कहा, वे अजीत जोगी की जाति, फर्जी प्रमाण पत्र से आदिवासी बनने, उनके पुत्र द्वारा तीन जगहों से जन्म प्रमाण पत्र बनाने और अंतागढ़ उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी की खरीद-फरोख्त को लेकर लगातार सवाल कर रहे हैं, लेकिन इनका जवाब देने के बजाय उन पर ही गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, जोगी की विवशता यह है कि वे मेरा नाम लेकर ही प्रासंगिक बने रह सकते हैं। बघेल ने कहा, मैंने अपने राजनीतिक जीवन में व्यक्तिगत आरोपों और हमलों से परहेज किया है, लेकिन अब जब भाजपा ने शुरुआत कर ही दी है तो हमें भी इसी भाषा में जवाब देना पड़ेगा। 

भ्रष्टाचार पर प्रवचन देने वाले ढोंगी साबित: भाजपा

भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा, भूपेश बघेल का सच सामने आ चुका है। जो भ्रष्टाचार पर प्रवचन देते फिर रहे थे, वो ढोंगी साबित हुए हैं। उपासने ने कहा, कांग्रेस के प्रदेश से राष्ट्रीय नेतृत्व तक पर किसी न किसी मामले में जांच चल रही है और वह सत्ता में आने के सपने देख रही है।

अमित बोले, भूपेश पहले खुद में झांके

विधायक अमित जोगी ने कहा, भूपेश बघेल अपनी हर गलती का ठीकरा अजीत जोगी के नाम फोडऩा चाहते हैं। जोगी के नाम लेकर सुर्खियों में बने रहना उनकी आदत बन गई है। उन्होंने कहा, यदि भूपेश में जरा भी नैतिक साहस है तो दूसरों को कोसने की जगह अपने गिरेबान में झांके।
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चंदू निर्मलकर Desk
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