
Raipur Nagar Nigam: शहर में पेयजल आपूर्ति की समस्या का मसला तूल पकड़ता रहा है। निगम आयुक्त के पत्र में नलों में टुल्लू पंप लगाकर सीधे पानी खींचने वालों को रोकने के लिए जलसंकट वाले इलाकों में सुबह-सुबह बिजली गुल करने का निर्णय लिया है। उद्देश्य अच्छा है, लेकिन भीषण गर्मी में सुबह-सुबह बिजली गुल करने से हजारों लोगों की नींद खराब होगी। खासकर उन लोगों की जो नाइट ड्यूटी करते हैं और दिन में देर तक नींद लेते हैं। बच्चे भी परेशान होंगे।
दूसरी तरफ, महापौर मीनल चौबे ने भी पेयजल मुद्दे पर बुधवार को अफसरों की बैठक ली। इस दौरान कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अफसरों को जवाबदेही लेनी होगी और समस्याग्रस्त क्षेत्रों में गंभीरता से पानी पहुंचाना होगा। वरना वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई करनी होगी।
बैठक में अफसरों के जवाब से महापौर पूरी तरह से बिफर गईं। उन्होंने दो टूक कहा, फील्ड में उतरकर पेयजल आपूर्ति अंतिम घरों तक कराएं। ये निगम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहर के लोगों की परेशानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले सालों में अमृत मिशन योजना से करोड़ों रुपए खर्च हुआ है। ये किसकी जिम्मेदारी है कि पेयजल समस्या का सामना ना करना पड़े। सभी टंकियों की पाइप लाइन का सर्वे करें और गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में महापौर के साथ निगम में जलकार्य विभाग के अध्यक्ष संतोषी साहू सहित निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर आयुक्त राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, विनोद पाण्डेय, कृष्णा खटीक, अधीक्षण अभियंता सेवानिवृत्त बद्री प्रसाद चंद्राकर, जोन कमिश्नर रमेश जायसवाल, संतोष पाण्डेय, विवेकानंद दुबे, कार्यपालन अभियंता मौजूद थे। इस दौरान महापौर मीनल चौबे ने पार्षदों के साथ ही जमीनी स्तर पर अफसरों को पेयजल समस्या का समाधान करने कहा।
साथ ही कहा कि हमारी जिम्मेदारी शहर की जनता को सहूलियतें देना है। बिजली गोल कराना अंतिम विकल्प है। इससे पूरे वार्ड के लोगों को परेशानी होगी। महापौर ने जोनों के अधिकारियों को नोटिस देकर व्यवस्था सुधारने कडे निर्देश दिए। बैठक में मौजूद निगम आयुक्त ने भी अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
Updated on:
01 May 2025 12:29 pm
Published on:
01 May 2025 12:27 pm

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