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रायपुर में 71 टन कांसे से 71 फीट ऊंची बूढ़ादेव की मूर्ति होगी स्थापित, जानिए क्या है इसके पीछे की कहानी

Statue of BudhaDev: आपने कई तरह के दान के बारे में सुना होगा। आज आपको विशेष धातु से बने बर्तन दान के बारे में बताने जा रहे हैं। कांसे का दौर भले गुजर गया हो लेकिन आज भी कांसे के ट्रेडिशनल बर्तन घरों में हैं। बूढ़ा तालाब में बूढ़ादेव की मूर्ति बनाने के लिए कांसा दान का आगाज किया गया है।

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रायपुर में 71 टन कांसे से 71 फीट ऊंची बूढ़ादेव की मूर्ति होगी स्थापित

रायपुर में 71 टन कांसे 71 फीट ऊंची बूढ़ादेव की मूर्ति हो सेगी स्थापित

Statue of BudhaDev: आपने कई तरह के दान के बारे में सुना होगा। आज आपको विशेष धातु से बने बर्तन दान के बारे में बताने जा रहे हैं। कांसे का दौर भले गुजर गया हो लेकिन आज भी कांसे के ट्रेडिशनल बर्तन घरों में हैं। बूढ़ा तालाब में बूढ़ादेव की मूर्ति बनाने के लिए कांसा दान का आगाज किया गया है।

इस मुहिम से जुड़े गजेंद्र रथ ने बताया, 25 फरवरी से कांसा दान अभियान शुरू किया जा चुका है। अब तक सात टन कांसे के बर्तन एकत्र हो चुके हैं। राज्य में ब्लॉक स्तर पर दान रथ निकाले गए हैं। राजधानी में आठ अप्रैल को भव्य कार्यक्रम होने जा रहा है।


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मूर्ति स्थापना की जरूरत क्यों?
गजेंद्र ने बताया, राजा रायसिंह जगत ने 800 साल पहले रायपुर को बसाया था। बूढ़ा तालाब की खुदाई भी उन्होंने कराई थी। राजा आदिवासी थे। कुल देवता बूढ़ा देव थे। जैसे साउथ में बालाजी और महाराष्ट्र में शिरडी की मान्यता है वैसे ही छत्तीसगढ़ के कुल देवता बूढ़ा देव है। लेकिन यहां के लोगों ने बूढ़ा देव को भुला दिया। सर्व आदिवासी समाज की बैठक में जब हमने चर्चा की बात निकलकर आई कि हमारे राजा का सपना तो अधूरा रह गया। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, सर्व छत्तीसगढ़ समाज और सर्व आदिवासी समाज के संयुक्त पहल पर यह निर्णय लिया गया कि बूढ़ा तालाब परिसर में बूढ़ा देव की 71 फीट की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

ढोकरा शिल्पकार देंगे आकार
मूर्ति का निर्माण कांसे को गलाकर किया जाएगा। बस्तर के ढोकरा शिल्पकार मूर्ति को आकार देंगे। निर्माण को लेकर उन्हीं कलाकारों ने आंकड़े दिए हैं। एक फीट-एक टन के फॉर्मूले के आधार पर निर्माण की योजना तैयार की गई है। आने वाले दिनों में इसकी भव्यता देखने को मिलेगी।

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