
मूसलाधार बारिश से सड़क और नाले भी लबालब, 12 मकानों की दीवार ढहीं
रायपुर. तीन दिन तक हो रही बारिश से शहर की जीवनदायिनी खारुन भी उफान पर है। सोमवार को सुबह से ही खारुन का जल स्तर बढ़ता रहा। सुबह 11 बजे से लेकर रात आठ बजे तक जलस्तर 80 फीसदी तक पहुंच गया था। इसके बाद खारुन का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा। क्योंकि बारिश पांच बजे के बाद थम गई थी।
लगे ट्रांसफार्मर भी डूबने की स्थिति में थी।
नगर निगम के आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव हुआ था। सभी जोनों के अमले को तत्काल मौके पर भेजकर पानी निकासी की व्यवस्था कराई गई। जहां-जहां मकानों की दीवारें ढही है, उन मकानों के परिवारों को डे-केयर और सामुदायिक भवनों में शिफ्ट कराए गए। बारिश के चलते निगम के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को २४ घंटे अलर्ट रहने को कहा गया है। जहां-जहां से जिसके पास भी शिकायतें आ रही है, उन्हें अमले के साथ तत्काल पहुंचकर लोगों को राहत दिलाने को कहा गया है।
मठपारा में लगातार बारिश से छह कच्चे मकानों की दीवारें ढह गई। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। दीवार ढहने की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद सालिक सिंह ठाकुर बारिश में भीगते हुए दीवार का मलबा हटवाने में जुटा रहा। पीडि़त परिवारों को तत्काल सामान खाली करवा कर निगम डे-केयर सेंटर में भेजे। मठ पारा में करीब २० कच्चे मकान हैं। अधिकांश मकानों की दीवारें बारिश से दरकनें लगी हैं। निगम अमला भी मौके पर पहुंचकर पीडि़त परिवारों के खाने और रहने की व्यवस्था करने में जुटे हुए थे। इसी तहर आमासिवनी के भाटापारा में करीब छह कच्चे मकानों की दीवारें भी ढह गई। यहां के पार्षद सुशीला धीवर ने बताया कि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया। दल-दल सिवनी में तो नहर और रोड की स्थिति एक-जैसी हो गई है।
जिले में लगातार हो रही बारिश और गंगरेल बांध से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से महानदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए रायपुर जिले के प्रभारी कलक्टर दीपक सोनी ने अफसरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए है। कलक्टर ने सोमवार को आरंग स्थित महानदी के समोदा और निसदा डैम गेट का जायजा लिया और इन्हें नो एंट्री जोन घोषित किया।
जलभराव वाली निचली बस्तियों में प्रभावित लोगों को निगम द्वारा भोजन के पैकेट बांटे गए। इसमें जोन-३ के ब्रम्हदेव नगर, चंडी नगर व जोन छह के मठपारा में कुछ परिवारों को खाने बांटे गए। प्रभावित लोगों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट भी किए गए। ब्रम्हदेव और चंडी नगर नाले के ऊपर बसा हुआ है। इस कारण से नाले का पानी ओवरफ्लो होने से बस्ती में डेढ़-से दो फीट पानी भर गया था। बारिश थमने के बाद ही यहां का पानी निकला। स्थिति शाम तक सामान्य हो गई थी।
Updated on:
28 Aug 2018 05:19 pm
Published on:
28 Aug 2018 01:43 pm

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