11 माह पहले विधवा हुई यमुना की मांग फिर सजेगी, मुख्यमंत्री कन्या विवाह में लेगी 7 फेरे

कल 550 जोड़े बंधेंगे विवाह बंधन में

By: VIKAS MISHRA

Published: 24 Feb 2020, 01:36 AM IST

रायपुर. यमुना हाथों में मेहंदी लगवा रही है, वो खुश है। क्योंकि, उसे ऐसे व्यक्ति का साथ मिला जो दोबारा उसके जीवन में रंग भर रहा है। कवर्धा के रणवीरपुर गांव की रहने वाली २२ साल की यमुना का एक साल पहले विवाह हुआ। जब वो मायके गई तो एक माह बाद ही गंभीर बीमारी के कारण उसका पति चल बसा। अब २५ फरवरी को फिर से उसके जीवन में खुशियां आने वाली है।
यमुना के पिता मयादास कहते हैं कि उनकी माली हालत ऐसी नहीं थी कि दोबारा लड़की की शादी का खर्चा उठा सके। लेकिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का सहारा मिला। उन्होंने कहा, बीरगांव के रहने वाले शांति बाई और चतुरदास मानिकपुरी ने संबल दिया और उनका कुंवारा बेटा अमनदास यमुना से विवाह के लिए आगे आया।
मुस्लिम, ईसाई जोड़ो की शादी सुबह
धरसीवां 1 की सुपरवाइजर रजनी और वंदना ने बताया कि इसाई जोड़ों की शादी सुबह साढ़े 10 बजे करवा दी जाएगी। उसके बाद वैदिक रीति से बाकी जोड़ों की शादी होगी। मजदूरी करने वाले, चना मुर्रा और घरों में झाड़ू पोछा का काम करने वाले माता-पिता मंगलवार को सम्मान के साथ अपनी बेटी की शादी करेंगे। विवाह के बाद गृहस्थी का सामान भी देंगे और २० लोगों को खाना भी खिलाएंगे। साथ ही एक हजार रुपए बेटी के खाते में भी जमा करेंगे।
पिता करते हैं मजदूरी
कांती निराला के पिता मजदूरी करते हैं। 19 साल की कांति की शांति २२ साल के रविश राय से हो रही है। दोनों ईसाई है। रविश कंप्यूटर ऑपरेटर है। कांति की दो बहनें और हैं, इसलिए पिता शादी में कुछ दे भी नहीं पाते। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना उनके लिए सहारा बनी।
चना मुर्रा बेचती है मां
आरती गौरे की उम्र २० साल है। उसकी शादी 24 साल के वेदराम निषाद से हो रही है। दोनों ही 8 तक पढ़े हुए हैं। आरती की मां चना-मुर्रा बेचती है। घर में 4 भाई-बहन है। आरती की मां बहुत खुश है।

VIKAS MISHRA
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned