वॉट्सएप संदेश अदान प्रदान करने का सबसे बड़ा माध्यम है, जो आजकल गंदी बातों का गढ़ बनते जा रहा है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ कोण्डागांव जिले का है
रायपुर. वॉट्सएप संदेश अदान प्रदान करने का सबसे बड़ा माध्यम है, जो आजकल गंदी बातों का गढ़ बनते जा रहा है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ कोण्डागांव जिले का है, जहां जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीइओ) पर महिलाकर्मियों को वॉट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगा है।
महिलाकर्मियों को अश्लील मैसेज का मामला सामने आते ही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीइओ) डॉ. संजय कन्नौजे को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के तरफ से जारी आदेश में डॉ. कन्नौजे की सेवाएं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से वापस लेते हुए उन्हें अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक मंत्रालय में उपसचिव के पद पर पदस्थ किया गया है।
जानकारी के अनुसार सीइओ कन्नौजे ने एक महिला पंचायत सचिव एवं दो महिला तकनीकी सहायकों से दुर्व्यवहार किया था। साथ ही उनके कार्य को उचित नहीं बताते हुए शिकायतकर्ता में से एक को निलंबित भी कर दिया था। यह भी बात सामने आई है कि सीइओ कुछ महिला कर्मचारियों को आपत्तिजनक मैसेज भी करते थे।
महिला कर्मचारियों ने सीइओ द्वारा प्रताड़ित किए जाने और अश्लील मैसेज करने की जानकारी अपने संगठन और सहकर्मियों को दी थी। पीड़ित महिला कर्मचारी, तकनीकी सहायक, मनरेगा व सचिव संघ से जुड़े लोग मामले की शिकायत को लेकर एसडीओपी कार्यालय पहुंचकर एफआईआर करने की मांग करने लगे। उन्होंने सीइओ के खिलाफ पुलिस से लिखित शिकायत की।
सारे आरोप बेबुनियाद
सीइओ डॉ. कन्नौजे ने कहा कि 'मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे बेबुनियाद हैं। ये महिला कर्मचारी शासकीय कार्य में लापरवाही बरतती थीं, जिसके चलते इन्हें कई दफा एससीएन भी जारी किया जा चुका है।' अश्लील मैसेज के बारे में कन्नौज ने कहा कि कई बार मीटिंग के बाद मोबाइल फोन छूट जाता है, हो सकता है कि उसी दौरान किसी ने मेरे मोबाइलफोन का दुरुपयोग किया गया हो।
जांच की जाएगी
एसडीओपी कपिल चंद्रा ने कहा कि शिकायत के अधार पर विशाखा गाइडलाइन के तहत नियमानुसार जांच की जाएगी।