Janmashtami: कृष्णभक्ति में डूबे लोग, दिनभर चलता रहा चलसमारोह का दौर

Janmashtami: कृष्णभक्ति में डूबे लोग, दिनभर चलता रहा चलसमारोह का दौर

Deepesh Tiwari | Publish: Sep, 03 2018 04:53:59 PM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

Janmashtami: कृष्णभक्ति में डूबे लोग, दिनभर चलता रहा चलसमारोह का दौर

रायसेन@शिवलाल यादव की रिपोर्ट...
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व सोमवार को भादौंमास के कृष्णशुक्ल पक्ष की अष्टमी को असीम उत्साह व धूमधाम के साथ भक्तिवंदना के माहौल में धूमध्णाम से मनाया गया। सोमवार को रायसेन नगरी आराध्य देव भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति उपासना में लीन रही। रायसेन शहर सहित जिलेभर में निकाले गए श्रीकृष्ण भगवान के चल समारोह में भी भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीयता और देश प्रेम की भावना की झलक नजर आई। वहीं सोमवार की राम देवी-देवताओं के मंदिरों सहित श्रीराधा रमन मंदिरों में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।

श्रीराधाकिशन मंदिर यादव समाज धर्मशाला, बड़ा मंदिर तिपट्टा बाजार, सिद्ध हठीले हनुमान मंदिर गंजबाजार आदि मंदिरों में यशोदा नंदन श्रीकृष्ण का भगवान श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव रात बारह बजे अटूट आस्था व असीम श्रद्धाभक्ति के माहौल में धूमधाम से निाया गया। जिसमें श्रीकृष्ण भजन आरती हवन पूजन के साथ महाप्रसादी वितरण का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। सोमवार को सुबह करीब ग्यारह बजे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में वासुदेव पुत्र भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में यादव महासभा, युवा यादव संगठन के बैनर तले श्रीकृष्ण, बाल गोपालों की मनमोहक परंपरागत चल समारोह गाजबाजों के बीच शुरू हुआ। जो कि शहर के मुख्य-मुख्य मार्गों से होता हुआ वापस श्रीराधाकिशन मंदिर यादव समाज धर्मशाला श्रीरामलीला मैदान पहुंचकर समाप्त हुआ।

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यह चल समारोह इस बार संतोष यादव मिर्जापुर, संजय यादव के नेतृत्व में निकाला गया। नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालालन की हाथी घोड़ा पालकी जय हो नंदलाल की... के जयकारों से शहर की गलियां चौराहे गूंज उठे। इस शोभायात्रा का व्यापारियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा पूजन आरती कर जगह-जगह फूलों की बरसाकर जोरदार स्वागत भी किया गया।

सोमवार को शाम के समय घर-घर और रात १२ बजे श्रीकृष्ण मंदिरों में नंदलाल का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस साल सूर्य केशर सवार्थ सिद्धी एवं विजया योग के मुहूर्त में मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के चित्रपट को घरों में लगाकर पकवानों, फल कैला ककड़ी पंजीरी नारियल प्रसाद अर्पित कर हवन पूजन आरती की गई।श्रीराधा कृष्ण मंदिरों में भी मनमोहक झांकियां, हिंडोला झूलों की झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। अहीर यादव महासभा के बैनर तले निकाली गई भगवान श्रीकृष्ण बालगोपालों की शोभायात्रा में डीजे, बुरहानपुर के ताशे ढोल, पंजाबी ढोल दुलदुल घोड़ी समेत लोकनृत्य राई, लहंगी और भजन मंडलियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

जिलेभर में निकाली गए श्रीकृष्ण चलसमारोह में इस बार भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम की झलक देखने को मिलीं। इन नयनाभिराम झांकियों में भक्त झूमते नाचते हुए शामिल हुए।भजन मंडलियो श्रीराधारानी कृष्ण संकीर्तन करते हुए शामिल हुईं। आगे आगे दो घोड़ों पर सवार युवक धर्मध्वजा लहराते हएु शामिल हुए। इसमें चारलहंगी पार्टियां, राई दुलदुल घोड़ी सहित डीजे बैंडबाजो बुरहानपुर के ताशे, पंजाबी ढोल आदि शामिल हुए। सबसे पीछे घोड़ाबग्घी में श्रीकृष्णबाल गोपालों की सजीव झांकी आर्कषण का केंद्र रही। रथ में मंदिर के पुजारी पंडित ओमप्रकाश शर्मा, संत पुाजरी संघ के जिलाध्यक्ष महंत बालमुकंद दास त्यागी भी सवार हुए।

रायसेन शहर में यादव महासभा द्वारा निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा में कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ.प्रभुराम चौधरी, युवा भाजपा नेता मुदित शेजवार, चल समारोह प्रमुख संतोष यादव, उपाध्यक्ष संजय यादव, शिवराज सिंह कुशवाह, मनोज यादव, राहुल परमार, पूर्व नपाध्यक्ष राजकुमार यादव, सोसायटी के चैयरमेन सौदान सिंह यादव, रनवीर यादव रघुवीर सिंह यादव पठारी, बालाराम यादव, भैंरों सिंह यादव,कालूराम यादव, पटेल अर्जुन यादव, कैलाश यादव, राजेंद्र यादव, राजेश पहलवान, ब्रजेश चतुर्वेदी, भगवान दास लोहट, रघुवीर मीणा, राजेंद्र सिंह यादव, महेंद्र यादव भादनेर, श्रवण यादव, अशोक यादव, चैन सिंह यादव, ऐन कुमार यादव तजपुरा, रामस्वरूप यादव, कमलेश मुकेश यादव आदि शामिल हुए।

इस शोभायात्रा का नपाध्यक्ष जमनासेन पार्षदों व नपा कर्मचारियों ने नपा भवन के सामने शिव मंदिर प्रजापति समाज धर्माशाला, गहराई क्लब रायसेन के युवाओं, रवि शंकर यादव आदि ने फूल बरसाकर जोरदार स्वागत किया। वहीं अनिल सिंह एंड ब्रदर्स द्वारा तालाब मोहल्ले में श्रद्धालुओं को कैला ककड़ी का स्वल्पाहा रबांटा व पानी के पाउच भी दिए गए।

वनमंत्री डॉ.शेजवार ने एक लाख रू.देने की घोषणा की
शोभायात्रा शुरू होने के पूर्व प्रदेश के वनमंत्री डॉ.गौरी शंकर शेजवार व उनके पुत्र मुदित शेजवार भी श्रीराधाकिशन मंदिर यादव समाज धर्मशाला पहुंचे। यहां भगवान राधाकिशन कीपूजन आरतीकर उनके दर्शन किए। मंदिर समिति द्वारा वनमंत्री डॉ.शेजवार उनके पुत्र युवा नेता मुदित शेजवार का शाल श्रीफल देकर व पगड़ी पहनाकर जोरदार अभिनंदन सम्मान किया गया।

इस मौके पर वनमंत्री डॉ.शेजवार ने मंच से विधायक निधि से एक लाख रूपए सहयोग निधि देने की घोषणा भी की। जबकि इस श्रीराधाकिश मंदिर के लिए तत्कालीन कांग्रेस विधायक डॉ.प्रभुराम चौधरी ने 3 लाख रू.विधायक निधि प्रदान की थी। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वनमंत्री डॉ. शेजवार ने कहा कि श्रीराम कृष्ण के जीवन चरित्र से हमको शिक्षा लेना चाहिए। माता सीता पतिव्रता धर्म व नारी के लिए जानी जाती हैं।

श्रीकृष्ण ने बाललीलाओं के माध्यम से असुर उसके कंस मामा का वध कर इस पृत्वी से असुरों रहित किया था। इस अवसर पर भाजपा उपाध्यक्ष ऋषिनाथ सिंह कुशवाह, वरिष्ठ समाज सेवी पैजन सिंह यादव पठारी, पूर्व जिपं अध्यक्ष भंवरलाल पटेल, कामता प्रसाद राजौरिया आदि का भी पगड़ी पहनाकर फूलमलाओं से स्वागत कर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व की बधाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन पूर्व नापाध्यक्ष राजकुमार यादव ने किया।

घरों में ऐसे की पूजन...
घरों में श्रद्धालुओं ने चित्रपट लगाए और आसन पर यशोदा नंदलाल की प्रतिमाओं को बिठाया। उन्हें झूला भी झुलाया गया। गुड़, शहर पंचामृत में लड्डू गोपालजी को स्नान भी कराया गया। भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को माखन मिश्री का भोग लगाया। साथ ही दूध से बनीं सामग्री जैसे खीर मावा लड्डू पंजीरी कैला ककड़ी का भी भोग लगाया। गंगाजल व सामान्य जल से उन्हें स्नान भी कराया गया। चंदन कुमकुम का माथे पर उन्हें लेप भी लगाया गया। धर्मशासत्री पंडित ओमप्रकाश शुक्ला, कृष्णकांत चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण की सच्चे मन से उपासना करने से भक्तों को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। श्रीकृष्ण भगवान प्रकृति प्रेमी थे। इसीलिए उनका बचपन ज्यादातर समय जंगलों नदियों के किनारे बीता।

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