
राजसमंद. राशन कार्डों की जांच में 900 उपभोक्ताओं के राशन कार्ड डुप्लीकेट अथवा डबल मिले, जिसमें से एक राशन कार्ड को रसद विभाग ने निरस्त कर दिया है। राशन कार्ड की जनआधार से यूनिट सीडिंग का काम 97 प्रतिशत पूरा हो गया है। वहीं 714 सरकारी कर्मचारियों से अब तक 89.32 लाख रुपए की वसूली हो चुकी है। रसद विभाग को जिले में कई कार्ड डुप्लीकेट अथवा डबल बने होने की जानकारी मिली। इसमें जनआधार से जुडऩे पर किसी के दो कार्ड हो गए थे, तो किसी ने अन्यत्र कार्ड बनवा लिया था। रसद विभाग ने जांच के बाद एक कार्ड को निरस्त कर दिया है। हालांकि रसद विभाग का दावा है कि इसमें से अधिकांश ने किसी तरह का लाभ नहीं लिया है और जिसने भी लिया है वह एक ही कार्ड का लाभ लिया है। उल्लेखनीय है कि राशन कार्डो को जनआधार से जोडऩे के कारण डबल राशन कार्ड, डुप्लीकेट राशन कार्ड, एक नाम दो जगह जुडऩे होने से सहित कई जानकारी मिल रही है। रसद विभाग उन्हें दुरुस्त करने में जुटा है।
रसद विभाग के अनुसार राशन कार्डो को जनआधार से जोड़ा गया था। अब प्रत्येक यूनिट को जनआधार से जोड़ा जा रहा है। इस का भी 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। शेष यूनिटों को जोडऩे का कार्य जारी है। इससे वास्तविक लोगों तक सामग्री पहुंच सकेगी।
राशन कार्डो के जनआधार से जुडऩे पर कई सरकारी कर्मचारियों के खाद्य सुरक्षा का लाभ लेने की बात सामने आई थी। जिले में 733 कार्मिकों के बारे में जानकारी मिली थी। रसद विभाग ने जांच के बाद 714 कार्मिकों से 27 रुपए प्रति किलो गेहूं के हिसाब से रिकवरी की है। शेष 19 लोगों की सूचना गलत निकलने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जिले में 900 लोगों के डबल राशन मिले थे, उसमें से एक राशन को निरस्त कर दिया है। जनआधार से जुडऩे पर डबल बन गए थे तो किसी ने डुप्लीकेट कॉपी बनवाई थी, इससे डबल राशन कार्ड शो हो रहे थे। इसमें जो खाद्य सुरक्षा से जुड़े उपभोक्ताओं ने एक ही जगह से सामग्री ली है।
Updated on:
12 May 2024 11:56 am
Published on:
12 May 2024 11:52 am
