
Smart School in Rajsamand राजसमंद जिले के एक सरकारी विद्यालय को निजी विद्यालय की तर्ज पर बनाया सर्व सुविधायुक्त
कहते हैं जहां चाह, वहां राह। दृढ़ निश्चय रखने वालों का जज्बा ही कामयाबी और नतीजों में बदल जाता है। ऐसा ही एक संकल्प राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिरोड़ी के प्रधानाध्यापक रामजीवन ने पूरा कर दिखाया।
विद्यालय में बालकों को विभाग की ओर से मिलने वाली सुविधाओं के अलावा और कुछ अलग करने की उन्होंने ठानी थी। प्रधानाध्यापक ने 3 वर्ष पूर्व ही विद्यालय ज्वॉइन करने के बाद सीमित संसाधनों एवं पर्याप्त कक्षा-कक्षों के बावजूद विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान करने का संकल्प कर नवाचार किया। इस विद्यालयों में बालकों को नियमित योग शिक्षा दी जाती है। उन्हें प्रकृति से जोडऩे के लिए गार्डन बनाकर नियमित देखरेख की जा रही है।
भामाशाओं के सहयोग से विद्यालय में खेल मैदान में झूले एवं फिसल-पट्टी लगवाई गई। भव्य स्कूल गेट बनवाया, वहीं शौचालय को साफ-सुथरा टाइल्सयुक्त बनाया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने भी रंग करने व साफ-सफाई से लेकर हर कार्य में प्रधानाचार्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया। इतना ही नहीं, नवाचार करते हुए बालकों का आईक्यू लेवल बढ़ाने एवं उन्हें तकनीकी से जोडऩे के लिए डिजिटल गेम्स और डिजिटल क्विज, विद्यार्थियों को खेल-खेल में शिक्षा की जानकारी पाठ्यक्रम आधारित दी जा रही है।
भामाशाह बालूराम, प्रभुलाल बुनकर, महेंद्र सिंह राठौड़, किशन सिंह राठौड़, किशनलाल, पन्नालाल सुथार ने दिया।
शिक्षक भवरपुरी गोस्वामी, मोहित मीणा, आसाराम मीणा, बिदेंश कुमार, राकेश बिजरणिया, रमेशलाल गुर्जर, दिनेशचंद कुमावत, रिछपाल, भगवत सिंह ने अपनी तनख्वाह में से आर्थिक सहयोग देकर प्रोजेक्टर लगवाया।
विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा के कई नवाचार किए जा रहे हैं। समय-समय पर यूट्यूब के माध्यम से ऑडियो-वीडियो कंटेंट्स विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। खेल-खेल में डिजिटल शिक्षण से विद्यार्थियों को आनंद आता है। उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है
रामजीवन फड़ोदा, प्रधानाध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिरोड़ी
Updated on:
17 Apr 2024 07:32 pm
Published on:
17 Apr 2024 07:32 pm
