Breaking Bad रतलाम नगर निगम ने किए कई के पंजीयन निरस्त

सुभाष कॉम्प्लेक्स : अचानक 50 दुकान के ग्राहकों का पंजीयन निरस्त, निगम ने जारी किए नोटिस, नोटिस में लिखा अवैधानक तरीके से हुआ था पंजीयन, अब 5 लाख रुपए से अधिक लौटाएगा

By: Ashish Pathak

Published: 15 Sep 2021, 07:34 PM IST

रतलाम. नगर निगम ने वर्ष 18 दिसंबर 2000 में महू रोड बस स्टैंड पर बनाए गए सुभाष शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 50 पूर्व ग्राहकों का पंजीयन अचानक निरस्त कर दिया है। इसकी बकायदा सूचना जारी कर दी है। ऐसा इसलिए किया गया है, क्योंकि वर्तमान दर पर इनको निगम बिक्री करने के लिए प्रयासरत है। 102 में से 99 दुकानें इस समय खाली है। बड़ी बात यह है कि पूर्व में पंजीयन निगम के ही तत्कालीन अधिकारियों ने किया था, अब उसको अवैधानिक करार दे दिया गया है। अब निगम करीब 5 लाख रुपए से अधिक पूर्व के रुपए लौटाएगा।

नगर निगम ने तत्कालीन समय 2000 में इस मार्केट का निर्माण किया था। इसके बाद विवाद में यह योजना चली गई थी। 2012 - 2013 व 2016 - 2017 में इस मार्केट की दुकानों की बिक्री करने का प्रयास किया गया, लेकिन निगम को सफलता नहीं मिल पाई। अब वर्तमान निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया एक बार फिर से 102 में शेष रही 99 दुकानों की बिक्री करने का प्रयास कर रहे है। इसके लिए ऑनलाइन टेंडर जारी इसी माह जारी होने है, इसके पूर्व ही पूर्व में जिन ग्राहकों ने इन दुकान को लेने के लिए पंजीयन कराते हुए राशि जमा की थी, उन सभी करीब 50 को नोटिस जारी कर दिए गए है।

नियम का किया उल्लेख


नगर निगम ने जो नोटिस जारी किए है उसमे नगर निगम अधिनियम का उल्लेख किया है। इसमे इस बात को लिखा गया है कि दुकान पंजीयन की कार्रवाई में मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 80 व इस अधिनियम के अंतर्गत अचल संपत्ति का अंतरण नियम 1996 में वर्णित प्रावधान का पालन नहीं तत्समय नहीं किया गया। नियम के खिलाफ पंजीयन किया गया था, इसके चलते वो कार्रवाई अवैधानिक व अनियमित पाई जाती है। इसलिए तत्काल पूर्व में किया गया पंजीयन निरस्त किया जाता है। जो धनराशि जमा करके रसीद ली गई थी वो दिखाकर राशि को एक सप्ताह में ले जाए।

यह है फैक्ट फाइल


कुल 102 दुकान
न्यूनतम कीमत 32 लाख
अधिकतम कीमत 35 लाख
पूर्व में बिक्री हुई - 3 दुकान
शेष रही दुकान जिनकी बिक्री होना है - 99 दुकानों की

RPF seizes Rs 32 lakh cash, 1 core of silver at katpadi railway station

पारदर्शिता महत्वपूर्ण


पूर्व में जो पंजीयन हुआ, उसमे पारदर्शिता के नियम का पालन नहीं हुआ। अब नियम अनुसार टेंडर करके बिक्री की जाएगी। इसलिए ही पूर्व के पंजीयन निरस्त करके रसीद दिखाने पर रुपए पंजीयन करवाने वालों को दिए जाएंगे।


- कुमार पुरुषोत्त्तम, कलेक्टर व नगर निगम प्रशासक

Ashish Pathak Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned