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Nag Panchami 2022: 2 अगस्त को मनाई जाएगी नाग पंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा की सामग्री और विधि

हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन सर्प देवता की पूजा का विधान है। हर साल सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है। इस साल 2 अगस्त 2022 को नाग पंचमी पड़ रही है।
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नई दिल्ली

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Tanya Paliwal

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Updated: 30 Jul 2022, 12:50 PM IST

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Nag Panchami 2022: 2 अगस्त को मनाई जाएगी नाग पंचमी, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा की सामग्री और विधि

Nag Panchami 2022 Shubh Muhurat, Puja Samagri And Vidhi: हिंदू धर्म शास्त्रों में नाग की पूजा को बहुत महत्व दिया गया है। वहीं नाग देवता को भोलेनाथ के गले का आभूषण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को 'नाग पंचमी' मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता के पूजन से सभी मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। इस साल 2 अगस्त 2022 को मंगलवार के दिन नाग पंचमी पड़ रही है। तो आइए जानते हैं नाग पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त, सामग्री लिस्ट और विधि...

नाग पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का प्रारंभ 2 अगस्त को सुबह 5:13 बजे से होगा तथा 3 अगस्त को सुबह 5:41 बजे पंचमी तिथि समाप्त होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नाग पंचमी 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त 2 अगस्त को सुबह 5:45 बजे से सुबह 8:25 बजे तक है।

पूजा सामग्री
नाग देवता की मिट्टी की मूर्ति या तस्वीर, कुमकुम, सिंदूर, अक्षत, चंदन, लकड़ी का पट्टा, दही, दूध, पंचामृत, चीनी, शहद, बिल्वपत्र, फूल माला, पान का पत्ता, कुशा, हरिद्रा, घी, खीर, लड्डू, मालपुए, धूप, दीप, धान आदि।

पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठें। अपने नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नान करें। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करके भोग के लिए खीर और सिंवइयां बना लें। मंदिर की साफ-सफाई करके वहां एक लकड़ी का पट्ठा रखें और उस पर लाल अथवा पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। चौकी के ऊपर नाग देवता की तस्वीर या पत्नी स्थापित करें।

इसके बाद जल अर्पित करें और पंचामृत से स्नान कराएं। फिर चंदन, अक्षत, फूल, फल आदि सभी सामग्री अर्पित करें। पूजा सामग्री अर्पित करते समय 'ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्' मंत्र का उच्चारण करें। इसके बाद खीर, लड्डू और अन्य मिष्ठान का भोग लगाएं। इसके बाद धूप-दीप से नाग देव की आरती उतारें। पूजा के बाद हाथ जोड़कर मन में नाग देवता से प्रार्थना करें कि वह आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर करें।

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