जिपं कार्यालय में डेढ़ साल से लटकी अनुकंपा नियुक्तियां, पंचायत मंत्री ने चालू कराई थी प्रक्रिया

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के हस्तक्षेप पर चालू की गई प्रक्रिया. जिला पंचायत कार्यालय में 35 अभ्यर्थियों के नियुक्ति की कागजी प्रक्रिया हो चुकी है पूरी

By: Rajesh Patel

Updated: 30 Nov 2020, 08:19 AM IST

रीवा. पंचायत एवं ग्रामीण विभाग में पंचायत सचिवों की अनुकंपा नियुक्ति लंबे से समय अटकी हुई है। कांग्रेस सरकार में तत्कालीन पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल के हस्तक्षेप पर पंचायत सचिवों की अनुकंपा नियुक्ति चालू की गर्ई। कांग्रेस सरकार के जाते ही नियुक्ति प्रक्रिया भी ठंडे बस्ते में पड़ गई है। जिससे पंचायत सचिवों की अनुकंपा नियुक्तियां फाइनल नहीं हो सकी है। रीवा में डेढ़ साल से तीन दर्जन से अधिक अनुकंपा नियुक्तियां लटकी हुई हैं।

अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की
जिला पंचायत कार्यालय में तत्कालीन सीइओ अर्पित वर्मा ने अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारंभ की थी। सभी जनपद पंचायतों से अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र अभ्यर्थियों का प्रस्ताव जिला पंचायत कार्यालय भेजा गया है। पंचायत विभाग की गाइड लाइन पर जनपदों से आए प्रस्ताव के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति की प्रारंभिक प्रक्रिया चालू कर दी गई। जिपं सीइओ ने एडिशनल सीइओ की अध्यक्षता में पात्र आवेदकों के दस्तावेज की जांच के लिए कमेटी गठित की थी। कमेटी जनपदों से आए प्रस्ताव के तहत पंचायत सचिवों के वारिसों के आवेदन का सत्यापन किया। शैक्षणिक योग्यता की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। यही नहीं साक्षात्कार भी हो गया है। इस बीच कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई।

सीइओ के हटते ही खटाई में पड़ी प्रक्रिया
भाजपा सरकार आने के कुछ माह बाद ही जिपं सीइओ का भी स्थानांतरण हो गया। जिससे अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। जिला पंचायत कार्यालय में 35 वारिसों के अनुकंपा नियुक्ति की फाइलें गड्ड में बंध गई हैं। पंचायत सचिवों के वारिस अफसरों की चौखट पर भटक रहे हैं। रीवा जनपद के बइसा ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव रामरहीस मिश्र की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो गई थी। बेटा नितीश मिश्रा अनुकंपा नियुक्ति को लेकर अफसरों की चौखट पर भटक रहा है। इसी तरह गंगेव ब्लाक के विपिन पांडेय सहित विभिन्न ब्लाक के 35 पात्र अभ्यर्थी अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं।
आरक्षण रोस्टर को लेकर भी असमंजस
जिला पंचायत कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति की कागजी प्रक्रिया करीब-करीब पूरीं हो गई है। बताया गया कि पंचायत सचिवों की नियुक्ति वर्ष 2019-95 की गई थी। पंचायत संस्थाओं ने धारा 85, 86 के तहत मेरिट के आधार पर सचिवों की नियुक्ति पूरी की थी। तब पंचायतों को अधिकार दिया गया था। वर्ष 2011 के बाद पंचायत विभाग ने नए नियम लागू होने के बाद विभाग से नियुक्ति प्रक्रिया चालू कर दी गई है। नए नियम के तहत एससी-एसटी समेत अन्य वर्ग की करीब 95 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। जिपं कार्यालय के कर्मचारी अनुकंपा नियुक्ति में आरक्षण लागू करने को लेकर असमंस में हैं।

वर्जन..
--जिले में रोस्टर के अनुसार पद रिक्त नहीं है। एससी-एसटी के कुछ पद हैं। इस वर्ग के आवेदन नहीं हैं। जिससे अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया ठप है। शासन से गाइड लाइन मांगी गई है।
-एबी खरे, प्रभारी जिपं सीइओ

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