हटाए गए डीएम नान, गोदाम प्रभारी के राजदरबारी बने मिलर, जानिए क्यों

एफसीआई और नान के क्वालिटी नियंत्रक सतना रिजनल कार्यालय में बैठकर रीवा के वेयर हाउस गोदामों में जमा कराए जा रहे चावल की गुणवत्ता का परीक्षण कर रहे

By: Rajesh Patel

Published: 09 Feb 2018, 12:24 PM IST

रीवा. देर से ही सही आखिकार जिम्मेदार जागे। धान मिलिंग में मिल संचालकों की मनमानी नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक एसडी बिरहा पर भारी पड़ गई। गोदामों में बिना गुणवत्ता चावल जमा कराने की अनदेखी को शासन ने गंभीरता से लेते हुए रिजनल कार्यालय सागर से अटैच कर दिया। वहीं, रीवा में सागर से आए नान के नए जिला प्रबंधक राकेश चौधरी ने देरशाम कार्यालय ज्वाइन कर लिया।
कंप्यूटर आपरेटर जारी कर डिलेवरी आर्डर
डीएम नान को हटाए जाने की सूचना के बाद नान कार्यालय में चोरहटा गोदाम प्रभारी ललित द्विवेदी कुछ मिलर और कर्मचारियों के साथ दरबार लगाए रहे और कंप्यूटर ऑपरेटर मिल संचालकों को डिलेवरी आर्डर जारी करने की कागजी औपचारिकता में जुटा रहा। जिले में पीटीएस और चोरहटा गोदाम में धान मिलिंग के बाद मिल संचालक अच्छी किस्म का चावल व्यापारियों के हाथ बेच रहे हैं। जबकि गोदाम में जमा करने के लिए सस्तेदर पर बाहर से खरीदी जमा कर रहे हैं। मामले को पत्रिका ने मुद्दा बनाया तो अफसरों में हडकंप मच गया।
मिलरों की साठ-गांठ से गुणवत्ता विहीन चावल जमा कर रहे संचालक
मिलरों की साठगांठ से गोदाम में बिना गुणवत्ता का परीक्षण चावल जमा कराने की मनमानी जिला प्रबंधक पर भारी पड़ गई। बताया गया कि जिले के वेयर हाउस की गोदामों में चावल की बिना गुणवत्ता का परीक्षण किए जमा कराया जा रहा है। मिलरों द्वारा पीटीएस गोदाम में सबसे ज्यादा चावल जमा किया गया है। गोदाम के रिकार्ड के अनुसार जिले में शुक्ला एग्रोटेक की ओर से ज्यादा चावल जमा किया गया। चोरहटा गोदाम में भी मिल संचालकों से साठगांठ कर जमा किया जा रहा है। गोदामों पर नान के कर्मचारी गुणवत्ता परीक्षण में खानापूर्ति कर रहे हैं।
सतना से रीवा की गुणवत्ता परख रहे क्वालिटी नियंत्रक
एफसीआई और नान के क्वालिटी नियंत्रक सतना रिजनल कार्यालय में बैठकर रीवा के वेयर हाउस गोदामों में जमा कराए जा रहे चावल की गुणवत्ता का परीक्षण कर रहे हैं। गोदाम सूत्रों के अनुसार ३० प्रतिशत से ज्यादा टूटा चावल जमा कराया जा रहा है। मानक की अनदेखी कर जिम्मेदार सरकार के खजाने में सेंध लगा रहे हैं। अकेले पीटीएस गोदाम में मिल संचाकों के रसूख के आगे जिम्मेदार घुटने टेक दिए गए हैं। अब तक पंद्रह हजार क्विंटल से ज्यादा चावल जमा कराया जा चुका है।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा
पत्रिका ने बिना गुणवत्ता परीक्षण गोदाम में जमा कराया जा रहा चावल, कार्यालय में बैठे चावल की गुणवत्ता परख रहे जिम्मेदार, जिले का उम्दा चावल बाजार में, यूपी-बिहार से खरीद कर जमा कर रहे चावल आदि शीर्षक पर मुद्दा बनाया तो अफसरों में हडकंप मच गया। इससे पहले धान खरीदी केन्द्र से लेकर गोदाम तक खेल का मुद्दा उठाया था। मामला शासन स्तर पर पहुंचा तो गुरुवार को जिला प्रबंधक नान रहे एसडी बिरहा को सागर रिजनल ऑफिस से अटैच कर दिया।
कोर्ट के आदेश पर चल रहे प्रबंधक भी सतना रिजनल ऑफिस अटेच
रीवा के तत्कालीन जिला प्रबंधक एसपी गुप्ता का शासन ने स्थानांतरण कर दिया था। गुप्ता कोर्ट के स्थगन आदेश पर रहे। दोनों के बीच अनमन होने के कारण गुप्ता को सतना रिजनल ऑफिस में अटैच कर दिया गया है। इससे पहले गुप्ता ही जिला प्रबंधक का काम देख रहे थे।

Rajesh Patel Reporting
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