टिड्डियों का दूसरा झुंड रीवा जिले के कई हिस्सों में पहुंचा, लोगों ने भगाने इन तरीकों को अपनाया

- इनके आने की पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं थी, इसलिए रीवा पहुंचने के बाद से किया फालो

By: Mrigendra Singh

Published: 28 May 2020, 09:20 AM IST


रीवा। टिड्डियों का दूसरा झुंड बुधवार को जिले में प्रवेश कर गया। इसकी पूर्व से जानकारी प्रशासन को नहीं थी। एक दिन पहले आए झुंड को जिले की सीमा से बाहर खदेड़ा गया था, लेकिन अब सेमरिया के क्षेत्र में अचानक पहुंच गई। जब तक इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को हुई तब तक गांव वालों ने उन्हें खदेडऩे की शुरुआत कर दी थी। इधर प्रशासनिक टीम के साथ स्थानीय लोगों ने भी टिड्डियों को भगाने में मदद की।

बताया गया है कि सबसे पहले सेमरिया क्षेत्र के लाइन बधरी, खरहरी, तिघरा, बड़ागांव, भेलौड़ी, वीरखाम आदि में पहुंची। यहां पर भगाने वाले दल के साथ मौजूद रहे कांग्रेस नेता कुंवर सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में खेतों और पेड़ों के ऊपर बैठ रहीं थी। बैंड बाजेे के साथ ही वाहनों का शोर भी किया गया। कुछ जगह पटाखे फोड़े गए तो कई जगह बर्तनों से आवाज की गई।

मौके पर तहसीलदार रवि श्रीवास्तव, जनपद सीईओ सुचिता सिंह सहित अन्य भी पहुंचे थे। फायर बिग्रेड से कई जगह पानी की बौछारें कर टिड्यिों को भगाया गया। सिरमौर के नगर परिषद क्षेत्र में भी यह दल पहुंचा था। खरहरी के बाद से जिले की टीम ने भी इनका पीछा किया, पहले ये रीवा आए फिर चोरगड़ी, रायपुर कर्चुलियान होते हुए कई गांवों तक पहुंची।

देर शाम पड़ोखर गांव में ये रुक गए। रात्रि के समय ये नहीं बढ़ते। प्रशासन की टीम ने उसी गांव में डेरा जमा दिया है जैसे ही सुबह उजाला होगा ये आगे बढ़ेंगे, जिनका पीछा कर भगाया जाएगा। बताया गया है कि सेमरिया क्षेत्र में इतनी अधिक संख्या में यह टिड्डी दल था कि एक गांव में नील गाय खुद को घिरते देख तेजी के साथ भाग निकला था।


- अलग-अलग झुंडों में आ रहे
टिड्डियों का दल अलग-अलग झुंडों में है। एक दिन पहले ही गोविंदगढ़ के बांसा गांव से लेकर मऊगंज के सीतापुर तक इनका पीछा कर भगाया गया था। ये सीधी जिले में पहुंच गए थे। बुधवार को सीधी जिले की सीमा को भी सिहावल के क्षेत्र से पार गए।

Mrigendra Singh Reporting
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