रीवा. पंचायत एवं ग्रामीण विकास की समीक्षा के लिए सोमवार को रीवा पहुंचे अतिरिक्त मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने बैठक में कड़े तेवर दिखाए। शौचालयों की दुर्दशा पर भड़कते हुए उन्होंने कहा कि किसी तरह की आंकड़ेबाजी और सफाई नहीं चाहिए। मैहर से रीवा तक जो देखा उससे सच उजागर हो गया है। इसके बाद अधूरी तैयारी के साथ आए सीधी और सतना के कलेक्टर को बैठक से बैरंग लौटा दिया। जो आंकड़ों को दुरुस्त करने के बाद दुबारा बैठक में शामिल हुए।
बैठक कक्ष में उस समय सनाका खिंच गया, जब जुलानिया ने पुलिस बुला ली और हाल से ही सिंगरौली के परियोजना अधिकारी को हिरासत में भेज दिया।
यह पहला मौका है, जब कमजोर होमवर्क करके आए अधिकारियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। बैठक की शुरुआत ही बड़े ही तल्ख अंदाज में हुई। शौचालय निर्माण, इंदिरा आवास सहित अन्य विकास योजनाओं के फोल्डर हाथ में आते ही अतिरिक्त मुख्य सचिव जुलानिया भड़क गए और अफसरों को फटकार लगाई। सीधी कलेक्टर अभय वर्मा और सतना कलेक्टर नरेश पाल को डाटा सही करके आने को कहा। इतना सुनते ही दोनों कलेक्टर बाहर आए और रिकार्ड दुरुस्त कर वापस लौटे।
बैठक में बुलाई पुलिस
बैठक के दौरान सबसे अधिक दिलचस्प स्थिति तब निर्मित हुई जब सिंगरौली के परियोजना अधिकारी सतेंद्र सिंह इंदिरा आवास की प्रगति बताने लगे। जुलानिया ने परियोजना अधिकारी को रोकते हुए कहा, पुराने भ्रष्टाचार का क्या हुआ। उस पर तो अभी तक कोई जवाब ही नहीं दिया। इतना बोलते ही उन्होंने पुलिस बुला ली और बैठक कक्ष से ही परियोजना अधिकारी सतेंद्र सिंह को हिरासत में लिए जाने के निर्देश दिए। एक अधिकारी के हवालात में जाते ही बैठक में सनाका खिंच गया।
बाहर चला होमवर्क
दरअसल यह बैठक नवीन कलेक्टे्रट भवन के सभाकक्ष में चल रही थी। भीतर एसीएस क्लास लेते रहे और बाहर अधिकारी होमवर्क करने में जुटे रहे। सतना कलेक्टर नरेश पाल करीब 30 मिनट तक बाहर आकर आंकड़े ठीक कराकर लौटे तो सीधी कलेक्टर अभय वर्मा डेढ़ घंटे तक कलेक्टे्रट के बाहर मातहतों के बीच माथापच्ची करते रहे। इसके बाद ही दुबारा बैठक में लौटे। उधर इंदिरा आवास योजना की जानकारी अपडेट नहीं होने पर जिला पंचायत रीवा मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलेश पारीख को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
दो दौर चली बैठक
समीक्षा बैठक दो सत्रों में हुई। पहले सत्र में शौचालय निर्माण, इंदिरा आवास सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। दूसरे दौर में मध्यान्ह भोजन, मनरेगा व प्रधानमंत्री आवास मिशन की जानकारी ली। बैठक में संभागायुक्त एसके पॉल, चारों जिलों के कलेक्टरों के अलावा जिला पंचायत मुख्यकार्यपालन अधिकारी व परियोजना अधिकारी मौजूद रहे।