जानिए, इस लिए स्वास्थ्य मिशन की नेशनल एम्बुलेंस सर्विस में 70 किमी दूर तक तपड़ता रहा पीडि़त

जानिए, इस लिए स्वास्थ्य मिशन की नेशनल एम्बुलेंस सर्विस में 70 किमी दूर तक तपड़ता रहा पीडि़त

Rajesh Patel | Publish: Sep, 08 2018 01:18:51 PM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 01:18:52 PM (IST) Rewa, Madhya Pradesh, India

एंबुलेंस में 3 माह से नहीं मेडिकल इक्विप्मेंट, आपातकालीन सेवा बुरी तरह प्रभावित,स्वास्थ्य मिशन की एक दर्जन से ज्यादा एम्बुलेंस खटारा, कॉल के बाद भी अटेंड नहीं किए जा रहे मरीज

रीवा. जिले में स्वास्थ्य मिशन की नेशनल एम्बुलेंस सर्विस (एनएएस) बदहाल है। तीन माह से एम्बुलेंस में जरूरी उपकरण तक नहीं हैं। इससे आपातकालीन मेडिकल सेवा बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। एम्बुलेंस में मरीजों की जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की अनदेखी के कारण की पचास फीसदी से ज्यादा एम्बुलेंस खराब पड़ी हैं। कॉल करने के बावजूद मरीजों को अटेंड नहीं किया जा रहा है।

डे्रसिंग के लिए 70 किमी तक तड़पता रहा पीडि़त
शुक्रवार को संजय गांधी अस्पताल की बर्न यूनिट में दोपहर 3.10 बजे एम्बुलेंस (एमपी-02-एवी-5678) कटरा क्षेत्र से आग से 30 फीसदी जले अशोक को लेकर पहुंची। एम्बुलेंस में मेडिकल इक्विप्मेंट नहीं होने के कारण पीडि़त की डे्रसिंग नहीं हो सकी। अशोक एम्बुलेंस में इमर्जेंसी मेडिकल टेकनीशियन (इएमटी) के सामने 70 किमी तक तड़पता रहा। इएमटी ने बताया कि एम्बुलेंस में आक्सीजन सिलेंडर के अलावा मेडिकल उपकरण नहीं है। यही हाल अधिकतर एम्बुलेंस का है। तीन माह से मरीजों की जान जोखिम में डाल कर आपातकालीन सेवा दी जा रही है।
एक दर्जन से ज्यादा एम्बुलेंस खटारा
जिले में मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य मिशन की ओर से एम्बुलेंस-108 सेवा संचालित की जा रही है। जिले में योजना के तहत एक साथ 23 एम्बुलेंस चालू की गई, जिसमें से तीन एम्बुलेंस कबाड़ हो गई हैं, जो सीएमएचओ कार्यालय को सुपुर्द कर दी गई हैं। 7 एम्बुलेंस खराब पड़ी हैं। 12 एम्बुलेंस खटारा हो गई हैं।
कागजी प्रक्रिया में अटका मेडिकल उपकरण
सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारियों की अनदेखी के चलते जून 2018 से लेकर अब तक कागजी प्रक्रिया में एम्बुलेंस का मेडिकल उपकरण लटका हुआ है।
एंबुलेंस में ये उपकरण नहीं
बीपी थर्मा मीटर, शुगर मशीन, सेक्शन मशीन, ड्रेसिंग किट, आक्सीजन आदि मेडिकल उपकरण का होना जरूरी है। एम्बुलेंस में आक्सीजन के अलावा कोई भी मेडिकल उपकरण नहीं हैं।

-जिम्मेदारों के जवाब
वर्जन...
एम्बुलेंस में मेडिकल उपकरण रखने की जिम्मेदारी संबंधितों की है। इसके लिए जांच टीम लगी हुई है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरएस पांडेय, सीएमएचओ
--------------------
वर्जन...
एम्बुलेंस के लिए मेडिकल उपकरण की खरीदी की प्रक्रिया चल रही है। पिछले कई माह से सीएमएचओ बदलने के कारण प्रक्रिया धीमी हो गई है। जल्द ही सामग्री की खरीदी कर ली जाएगी।
नरेन्द्र द्विवेदी, नोडल अधिकारी, सीएमएचओ कार्यालय
-----------------------
वर्जन...
जून 2018 से मेडिकल उपकरण की सामग्री खरीदी के लिए सीएमएचओ कार्यालय को पत्र भेजा गया है। आज तक प्रक्रिया लंबित है।
जितेन्द्र गुप्ता, एम्बुलेंस मॉनीटरिंग प्रभारी, जिगित्सा हेल्थ केयर

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned