रीवा में समानांतर कार्यालय चला रहा था घोटाले का आरोपी निलंबित बाबू, अफसरों का छापा

जिले के गंगेव में घोटाले का मास्टर माइंड है निलंबित बाबू, ठिकाने पर अफसरों के छापामार कार्रवाई में कई पंचायतों की पासबुक, चेक व बिल बाउचर भी बरामद, मौके से सरपंच-सचिव मौके से भाग निकले

By: Rajesh Patel

Published: 07 Aug 2020, 09:08 AM IST

रीवा. जिले के गंगेव जनपद में घोटाले का मास्टर माइंड बाबू पर समानांतरण कार्यालय चला रहा था। मनगवां तहसीलदार दीपिका पाव और गंगेव सीइओ अजीत तिवारी ने बाबू के ठिकाने पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान जनपद सीइओ की सील समेत कई दस्तावेज बरामद किया है। तहसीलदार ने यह कार्रवाई जिला पंचायत सीइओ स्वप्निल वानखेड़े के आदेश पर की है। कार्रवाई में कई पंचायतों की कैशबुक, चेकबुक, वेतन बिल समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किया है। कार्रवाई में बाबू के पास से विधायक व कई संगठनों के खाली दस्तावेज भी मिले हैं।

तहसीलदार की दबिश में बाबू के साथ मिले कई सरपंच-सचिव
तहसीलदार को गुरुवार दोपहर सूचना मिली कि बाबू रीवा में रिंग रोड स्थित शिव स्टेशनरी एवं ऑनलाइन सेंटर पर बैठा है। मौके पर अधिकारी पहुंचे तो वहां मौजूद कई सरपंच-सचिव भाग निकले। गंगेव सीइओ ने बाबू से प्रभार देने की बात कही, बाबू ने गोलमोल जवाब दिया। इस पर तहसीलदार और सीइओ वहां पर रखे अभिलेखों की छानबीन शुरू कर दी। जब्ती के दौरान सीइओ गंगेव के नाम की सील समेत कुछ पंचायतों के कैसबुक मिले। प्रेरकों के वेतन बिल केश समेत कई अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। इस बीच बाबू ने बिल बुक समेत कई दस्तावेज भाग खड़ा हुआ। अधिकारियों के मुताबिक निंलबित बाबू जनपद कार्यालय की तरह रीवा में भी समनांतर कार्यालय संचालित कर रहा था।


करोड़ो के घोटाले का मास्टर माइंड है बाबू
गंगेव जनपद में दो दर्जन से ज्यादा पंचायतों में कराधान योजना के तहत 12.84 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। तत्कालीन संभागायुक्त की जांच में बाबू घोटाले का मुख्यसूत्रधार निकला। संभागायुक्त के जांच प्रतिवेदन पर तत्कालीन जिपं सीइओ ने बाबू राजेश सोनी को निलंबित कर दिया है। तब से बाबू पंचायत शाखा का चार्ज नहीं दे रहा है। जिससे गंगेव में पंचायत सचिवों के वेतन समेत कार्यालयीन कार्य प्रभावित है।

सीइओ के हस्ताक्षर की मिली कई साल पुरानी कोरी एमबी
अधिकारी उस वक्त हैरान रह गए जब बाबू के निजी कार्यालय में तत्कालीन सीइओ के हस्ताक्षर की कई साल पुरानी एमबी (मेजरमेंट बुक) मिली। जिस पर किसी पंचायत का नाम दर्ज नहीं है। लेकिन, सीइओ के हस्ताक्षर की कई एमबी मिली है। इतना ही नहीं कई ऐसे दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर किए गए हैं। अब अधिकारी इस बात का भी पता लगाएंगे कि अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं या फर्जी तरीके से किए गए हैं।

सरपंच का बेटा पत्रकार बन करने लगा पूछताक्ष
निलंबित बाबू से दस्तावेज जब्त करने पहुंचे अफसरों के सामने एक सरपंच का बेटा कथित पत्रकार कार्रवाई के संबंध में पूछताक्ष शुरू कर दी। इस पर तहसीलदार ने पूछताक्ष की तो पता चला कि सरपंच का बेटा है। फटकार लगाई तो वह वहां से भाग खड़ा हुआ।

Congress
Show More
Rajesh Patel Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned