पेट्रोल-डीजल 25 रुपए तक सरकार घटा सकती है कीमत

कहा-कर्नाटक चुनाव के बाद से लगातार जारी है बढ़ोत्तरी, जीएसटी के दायरे में लाने से पीछे हट रही सरकार

By: Lokmani shukla

Updated: 24 May 2018, 01:43 PM IST


रीवा । लगातार बढ़ रहे डीजल-पेट्रोल के रेट ने लोगों को परेशान कर दिया है। कर्नाटक चुनाव के बाद से तेल कंपनियां कच्चे तेल की आड़ में कीमतों में और वृद्धि कर रही हैं। इससे सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा फैल रहा है। ऐसे में देश के पूर्व वित्तीय मंत्री ने ट्वीट किया है कि सरकार 25 रुपए तक डीजल व पेट्रोल की कीमत घटा सक ती है लेकिन भाजपा सरकार ऐसा नहीं कर सिर्फ 1 व 2 रुपए ही घटाएगी । रोजना कीमतों के बढऩे से डीजल एवं पेट्रोलियम कंपनी का मुनाफा 40 प्रतिशत का बढ़ा है। गुरुवार को रीवा में पेट्रोल 84.63 और डीजल73.62 रुपए पहुंच गया। उपभोक्ताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर आंदोलन करने वाली भाजपा सरकार अब दोहरीनीति अपना रही है। पिछले 20 दिन में पेट्रोल 2.72और डीजल 2.52महंगा हो गया है। सरकार को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।
जिले में 14 मई से लगातार हो रही डीजल-पेट्रोल के दाम में वृद्धि सोमवार को भी जारी रही। 21 मई को डीजल 83.72 रुपए और डीजल 72.87 रुपए था वहीं २२ मई को पेट्रोल के दाम 83.94 रुपए और डीजल के 73.07 रुपए पहुंच गया। इसी तरह पिछले ९ दिन में पेट्रोल 2.03 रुपए और डीजल 1.97रुपए महंगा हो गया है। पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इसी तरह पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि जारी रही तो 30 मई तक पेट्रोल का रेट 85 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाएगा। लगातार बढ़ रहे दाम को लेकर शहर के आमजन, व्यापारी, उद्योगपति, गृहिणी सहित कामकाजी लोगों ने सरकार पर गुस्सा जाहिर किया। लोगों का कहना है कि लगातार डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने पूरा बजट ही बिगाड़ दिया है। डीजल-पेट्रोल रोजमर्रा की जरूरत है, परिवहन खर्च बढऩे से महंगाई और तेजी से बढ़ रही है।
बोले लोग
सरकार नियंत्रित करे दाम
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें कंपनियां रोजाना बढ़ा रही हैं, जबकि अंतराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत कम होने पर कंपनियां दाम घटाने में देरी करती हैं। इसलिए सरकार कंपनियों की जगह खुद पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नियंत्रण रखे।
चन्द्रिका गौतम,
आम आदमी की बढ़़ेगी मुश्किल
पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोज बढ़ रही हंै लेकिन किराया नहीं बढ़ रहा है। दाम इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि अब आगे बिना किराया बढ़ाए चलना मुश्किल है। ऐसे में आम आदमी की मुश्किल और बढ़ेगी।
महेन्द्र दुबे, ऑटो चालक
-दूध के दाम बढ़ाने पड़ेंगे
रोज दाम बढऩे से हमारी मुश्किल बढ़ गई है, रोज वाहन से दूध लेकर आते हैं इसी तरह दाम बढ़ते रहे तो हमें दूध के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। सरकार डीजल पेट्रोल की कीमत घटाने के लिए जल्द कम उठाए नहीं तो स्थित भयावह हो जाएगी।
रमाशंकर यादव, दूध व्यवसायी

पड़ोसी राज्य यूपी में डीजल-पेट्रोल की कीमतें मध्यप्रदेश से तीन या चार रुपए तक सस्ती हैं, वहां भी भाजपा सरकार है। पहले कीमत बढऩे पर हंगामा मचाने वाले अब कीमत बढ़ाकर चुपचाप हैं।
जानेश्वर प्रसाद,

जीएसटी लागू होने के बाद सरकार एक टैक्स की बात कह रही है, लेकिन डीजल एवं पेट्रोल में इसे लागू करने बच रही है। स्थिति यह है कि पहले केन्द्र सरकार फिर राज्य सरकार जमकर टैक्स वसूलती हैं, इन दोनों के दोहरे टैक्स से कीमतें इतनी बढ़ गई हैं।
रामस्वरुप पाल,

 

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