एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट का उद्घाटन, पीएम मोदी बोले- इससे विकास को लगेंगे पंख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट का उद्घाटन किया...।

By: Manish Gite

Updated: 10 Jul 2020, 11:54 AM IST

 

रीवा/भोपाल। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार किसी बड़ी योजना की शुरुआत कर रहे हैं। रीवा जिले में स्थापित एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा प्लांट (Rewa solar power plant) की शुरुआत शुक्रवार को मोदी ने दिल्ली में बटन दबाकर की। इस मौके पर मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल स्थित मंत्रालय में मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को खुद इस नए प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि रीवा जिले में 750 मेगावाट का सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की जा रही है, जिसे एशिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना कहा जा रहा है।

 

pm modi Inaugurates Asia's largest solar power plant in rewa, madhya pradesh

 

Live Updates

11.55 AM

प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन के अंत में मध्यप्रदेश को इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए बधाई दी। साथ ही स्वस्थ रहने के लिए भी शुभकामनाएं दीं।

11.52 AM

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में लाकडाउन के दौरान पहला कदम यह उठया गया कि 80 करोड़ लोगों तक खाना पहुंच जाए, खर्चे के लिए व्यवस्था जेब में रहे। जब लाकडाउन लगाया गया है कि आने वाला समय तो बरसात का भी है, दिवाली और छठ पूजा तक त्योहार रहते हैं, इसलिए गरीबों को मदद मिलती रहे। इसलिए हमने इस योजना को जारी रखा। गरीब परिवारों को नवंबर तक मुफ्त राशन मिलता रहे इसकी व्यवस्था की है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत अब देख का लक्ष्य है कि सोलर पैनल समेत तमाम उपकरणों पर हम आयात पर अपनी निर्भरता को खत्म करें। लक्ष्य यह है कि अभी जो देश की सोलर क्षमता है उसे भी बढ़ाया जाए।

11.49 AM

पावर प्लांट लगाने वाली कंपनियां सोलर पर भी मैन्यूफेक्टरिंग करे।
मेरा सभी से आग्रह है कि आप इस अवसर को जाने मत देना। इसका फायदा उठाइए। आत्मनिर्भरता सही मायने में तभी संभव है, जब हमारे भीतर आत्मविश्वास हो। और यह तभी आता है जब पूरा देश पूरा सिस्टम, हर देशवासी, हम सब मिलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में चल पड़े। कोरोना संकट के बीच देश यही कर रहा है।

11.44 AM

आज हमारा किसान सक्षम है। किसान हमें कभी भूखा नहीं रहने देता है। यह किसानों के लिए भी लाभदायक है। कुसुम योजना में किसानों को सौलर प्लांट लगाने के लिए यह योजना प्रोत्साहन देती है। मध्यप्रदेश के किसान भी आय के अतिरिक्त साधन बनाने और पावर एक्सपोर्ट बनाने के व्यापक अभियान को सफल बनाएंगे। क्योंकि मध्यप्रदेश के किसानों ने संकल्प को सिद्धी में बदलकर दिखाया है। किसानों ने जो काम किया है वो हर किसी के लिए प्रेरणा का काम किया है। जिस प्रकार गेहूं उत्पादन में रिकार्ड बनाया है। सभी को पीछे छोड़ दिया। कोरोना के संकट के बीच रिकार्ड उत्पादन करने वाले किसान प्रशंसा के पात्र है। मुझे भरोसा है कि एक दिन ऐसी भी खबर आएगी कि कुसुम योजना में मध्यप्रदेश के किसानों ने रिकार्ड उत्पादन किया है।

11.40 AM

यह चर्चा अब दुनियाभर में लगातार होने वाली है। अब दुनिया भारत से सीखने वाली है।

11.35 AM

मोदी ने कहा कि हर घर में बिजली पहुंचे, पर्याप्त बिजली पहुंचे, हमारा हवा-पानी भी शुद्ध बना रहे। यही सोचकर हम निरंतर काम कर रहे हैं। यही सोच सौर ऊर्जा को लेकर हमारी नीति और रणनीति में स्पष्ट झलकती है। साल 2014 में सौलर पावर की कीमत 7-8 प्रति यूनिट होती है। अब सवा दो से ढाई हो गई है। इसका बड़ा लाभ लोगों को मिल रहा है। रोजगार निर्माण में मिल रहा है। पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है कि भारत में सौलर पॉवर इतनी सस्ती कैसे।

11.32 AM

देशभर में 36 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए गए। वहीं एक करोड़ एलईडी बल्ब देशभर में स्ट्रीट लाइटों में लगाए गए। इसका बडा़ असर भी हुआ। बिजली का बल्ब कम हुआ है। इससे कार्बाइन डाय आक्साइड भी पर्यावरण में कम जा रही है।

11.30 AM

मोदी ने कहा कि यह ऊर्जा श्योर है, प्योर है सिक्योर है।

11.27 AM

रीवा ने रच दिया इतिहास

पीएम मोदी ने कहा कि रीवा ने आज इतिहास रच दिया। रीवा की पहचान मां नर्मदा के नाम से है। इसमें एशिया के सबसे सोलर प्लांट तैयार है। रीवा का यह सोलर प्लांट इस पूरे क्षेत्र इस दशक में ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र बना है।

-इस सोलर प्लांट से मध्यप्रदेश के लोगों को, उद्योगों को तो बिजली मिलेगी, दिल्ली मेट्रो रेल तक को बिजली मिलेगी।

-मध्यप्रदेश जल्द ही सस्ती बिजली दे सकेगा। इसका सबसे अधिक लाभ मध्यप्रदेश के गरीब, मध्यप्रदेश के परिवारों, किसानों को, आसपास के भाइयो, बहनों को मिलेगा।

11.21 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू।

11.20 AM

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में बटन दबाकर इस सोलर प्लांट का उद्घाटन किया।

11.19 AM

शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो संकल्प और लक्ष्य दिया है आत्मनिर्भर भारत बनाने का, तो हम उनके आदेशों कापालन करते हुए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाएंगे। साथ ही गरीब कल्याण की योजना का भी प्रारूप तैयार कर प्रधानमंत्रीजी को सौंपा जाएगा।

11.10 AM

दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी भी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़ गे हैं।

11.05 AM

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संबोधन शुरू।

सोलर प्लांट के उद्घाटन अवसर पर भोपाल स्थित मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।

 

Inaugurating a Solar Project in Rewa, Madhya Pradesh

पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा है कि 10 जुलाई को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रीवा में बने 750 मेगावाट की सौर परियोजना का उद्घाटन (pm narendra modi launch) कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि यह सौर परियोजना 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की हमारी प्रतिबद्धता को गति प्रदान करती है।

गौरतलब है कि रीवा जिले की परियोजना में 250-250 मेगावाट की तीन सौर उत्पादन इकाइयां शामिल हैं। इस परियोजना से लगभग 15 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कार्बन उत्सर्जन की संभावना है।

प्रोजेक्ट पर एक नजर
-रीवा जिले के बदवार पहाड़ पर स्थापित रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट की कुल क्षमता 750 मेगावाट है। इसमें पूरी क्षमता से बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है।

-गुढ़़ तहसील में 1270.13 हेक्टेयर शासकीय राजस्व भूमि एवं 335.7 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहित कर प्रोजेक्ट लगाया गया है।
-इस परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विकास निगम तथा भारत सरकार की संस्था सोल एनर्जी कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया की संयुक्त वेंचर कंपनी रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर(रम्स) लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

-इस पॉवर प्लांट में तीन इकाइयां हैं, सभी की क्षमता 250 मेगावाट की है। दावा है कि यह पर्यावरण के अनुकूल प्रोजेक्ट है, इससे प्रतिवर्ष 15.7 लाख टन कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन को रोका जा रहा है। यह लगभग 2.60 लाख पौधे लगाने के बराबर है।

-रीवा के अल्ट्रामेगा सोलर पॉवर प्लांट को भारत सरकार ने मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में पेश किया है। गत वर्ष इंटरनेशनल सोलर समिट में 121 देशों के प्रतिनिधियों के सामने इस प्लांट की विशेषताएं बताई गईं।

-यह ऐसी भूमि पर स्थापित किया गया है, जिसका दूसरा कोई उपयोग नहीं था। साथ ही एक ही परिसर में इतना बड़ा प्रोजेक्ट लगाया गया है, इससे पर्यावरण भी संतुलित रहेगा। सरकार के इस प्रजेंटेशन के बाद 13 देशों का प्रतिनिधि मंडल यहां पर भ्रमण करने आया था। कई देशों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वह भी अपने देश में जाकर ऐसे स्थान पर सोलर पॉवर प्लांट लगाने की पेशकश करेंगे जहां पर कृषि या अन्य उपयोग नहीं किया जा सकता।

-सोलर एनर्जी के अब तक जितने भी प्लांट लगाए जाते रहे हैं, वहां पर बिजली उत्पादन अधिक महंगा रहा है। रीवा के इस प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुली आनलाइन निविदा आमंत्रित की गई, जिसमें दूसरे देशों की 20 बड़ी कंपनियों ने हिस्सेदारी की थी। कम रुपए में बिजली बनाकर देने की होड़ में आखिरी बोली 2.97 रुपए प्रति यूनिट तक गई। इसी के तहत तीनों यूनिटों में कंपनियों से अनुबंध हुआ है।

-जिले के बदवार पहाड़ में स्थापित 750 मेगॉवाट क्षमता के प्लांट से उत्पादित बिजली का 24 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को दिया जाएगा। इसकी शुरुआत भी हो गई है। डीएमआरएसी ने कहा है फिलहाल उसे १०० मेगॉवाट तक ही बिजली की आवश्यकता है, बाद में पूरी 180 मेगावॉट बिजली लेगा। कुल बिजली का 76 प्रतिशत हिस्सा एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी अपने हिसाब से प्रदेश में उपयोग करेगी।

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