जलेबी-पोहा के साथ दूध पी रहे छात्रावास के अधीक्षक, जानिए क्यों

मेन्यू की अनदेखी, छात्रावासों में सुबह और शाम प्रार्थना और खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों से अनाजान हैं छात्र

By: Rajesh Patel

Published: 10 Feb 2018, 12:38 PM IST

रीवा. एससी-एसटी के छात्रावास, आश्रमों में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। आदिम जाति कल्याण विभाग की ओर से संचालित एससी-एसटी छात्रावासों में कागज पर जलेबी-पोहा और दूध पिलाया जा रहा है। इतना ही नहीं कई छात्रावासों में पानीदार दूध दिया जा रहा है। कुछ छात्रावासों और आश्रमों में भोजन के लिए पतली दाल-सब्जी और मोटा चावल और मटमैले गेहूं के आटा की रोटियां दी जा रही हैं।
अधीक्षकों के मनमानी की भेंट चढ़े हॉस्टल
जिला मुख्यालय को छोड़ दें तो ग्रामीण क्षेत्र के छात्रावास और आश्रम अधीक्षकों के मनमानी के भेंट चढ़ गए हैं। नियम-कायदे की अनदेखी कर छात्रों को अव्यवस्था के बीच रख रहे हैं। उदाहरण के तौर पर लालगांव प्राथमिक आश्रम शाला में सुबह-शाम नास्ता तो दूर, मेन्यु के अनुसार भोजन तक नहीं दिया जा रहा है। छात्रावास में ४६ छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन छात्रावास में १८ छात्र ठहरे हुए हैं शेष आस-पास गांव से आते हैं। कुल मिलाकर २५ छात्रों को भोजन दिया जा रहा है। पानीदार सब्जी और दाल दी जा रही है।
किचेन में तीन टमाटर और तीन प्याज
किचेन में तीन टमाटर, तीन प्याज के साथ लहसुन रखा था। जबकि फर्श पर दागी आलू रखी थीं। भोजन पकाने वाली बृजकली ने बताया कि सब्जी खत्म हो गई है, अधीक्षक सब्जी खरीदने के लिए बोले हैं। कल सब्जी आ जाएगी। दाल भी रखी हुई है। कचरायुक्त गेहूं की रोटी और मोटा चावल दिया जा रहा है। दोयम दर्ज के खाद्यन्न से भोजन पकाया जा रहा है। इसके अलावा परिसर में गंदगी के चलते छात्र बीमार हो रहे हैं।
25 छात्रों को पिलाया जा रहा तीन लीटर दूध
किचेन के भगोने में करीब तीन लीटर दूध रखा था। छात्रों ने बताया कि पानीदार दूध दिया जाता है जलेबी कभी देखी ही नहीं है, बगैर मोमफली का पोहा दिया जाता है। लाई चना के अलावा कभी-कभी फल के नाम पर केला दिया जाता है। मेन्यू की अनदेखी कर छात्रों को नास्ता दिया जा रहा है। जबकि रजिस्टर पर लगीज व्यंजनों दर्ज किया जा रहा है।
स्वीपर पका रहा भोजन, खानसामा कर रहा चौकीदारी
लालगांव आश्रम शाला में स्वीपर शांत और बृजकली भोजन पकाने का काम कर रहे हैं। जबकि खानसामा छोटेलाल से चौकीदार का काम लिया जा रहा है। शिक्षक बीएल पांडेय आश्रम से पांच किमी दूर से आते हैं, परिसर में छात्रों को सुबह और शाम प्रार्थना तक नहीं करायी जाती है।
खेलकूद गतिविधियों से अनजान छात्र
आजाक आश्रमों में इस बार के शैक्षणिक सत्र से छात्रों को सुबह और शाम प्रार्थना के साथ ही अन्य खेलकूद गतिविधियां कराने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के बावजूद छात्र खेलकूद गतिविधियों से अनजान हैं। शिक्षकों की अनदेखी के चलते छात्रों की पठन-पाठन के साथ ही अन्य गतिविधियों से अनजान हैं।

 

Rajesh Patel Reporting
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