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राहु बिगाड़ देगा इन राशि वाले नेताओं का चुनाव में परिणाम, ऐसे मिट सकता है दोष

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सागर

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Samved Jain

Mar 11, 2018

rahu ka asar

सागर. राजनीति एक ऐसा पेशा। जहां सितारे कब बदल जाएं और फर्स पर राजनीति कर नेता अर्स पर पहुंच जाए कहा नहीं जा सकता। ऐसे और इसके विपरीत उदाहरण तो हमने अनेक देखे हैं, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या हैं, शायद राजनीतिक वजह को छोड़कर हमनें दूसरी वजहों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है। मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव और देश में भी लोकसभा चुनाव के लिए अब वक्त कम ही बचा हैं, ऐसे में हम आपको आज अवगत कराएंगे राहु से। जिसका जितना लाभ राजनीति में होता है, उससे डबल हानि भी होती है। ऐसे में राहु कब नेताओं का चुनाव में परिणाम बिगाड़ दें, कहा नहीं जा सकता है। हालांकि, इसे समय पर समझकर इसका दोष भी विधि से मिटाया जा सकता है। इसके लिए हमने विस्तृत चर्चा की है प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित मणीशंकर मिश्रा से। जिन्होंने राजनीति में राहु के विशेष महत्व को बारीकी से समझाया हैं।

भयभीत करने वाला शनि के बाद दूसरा ग्रह

ज्योतिष शास्त्र में शनि के बाद राहु दूसरा ऐसा ग्रह है, जो सबसे अधिक भयभीत करता है। हालांकि कम लोगों को ही इस बात की जानकारी है कि शनि क्रूर नहीं न्याय प्रिय हैं। यदि आपके कर्म सही हैं तो वह आपको दुख नहीं पहुंचाते हैं। लेकिन राहु के साथ ऐसा नहीं है। इसकी दशा हर हाल में जातक को नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में इसके बुरे प्रभावों से बचने के लिए हर रात को यह आसान उपाय जरूर करें... साथ ही बाकि के दो तरीकों से घर और बच्चों की सुरक्षा बढ़ाएं...

राजनीति में यह है जरूरी


राजनीति में चुनाव जीतने या राजनेता के लिए समस्त ९ ग्रह का वक्री होना आवश्यक है। लेकिन फिर भी सूर्य मंगल गुरु राहू ये ग्रह ही मुख्य रूप से चुनाव या राजनीति कमें सफलता देते हैं। राहू को ज्योतिष में शक्ति , हिम्मत, शौर्य, छल, कपट, षडय़ंत्र, रहस्यमय, गुप्त, और राजनीति का कारण माना गया है। चुनाव में राहू ग्रह का विशेष ही महत्व है, लेकिन जातक की जन्म कुंडली सही होना चाहिए। लग्न कुंडली, जन्म कुंडली व दशमांश कुंडली देखें बिना फल फलित नहीं होगा और गुरु दशम व दूसरे घर पर वक्री हो। कर्क, सिंह, वृश्चिक, लग्न राशि राजनीति के लिए अच्छी मानी गई है।

राजनीति में राहू का विशेष स्थान


राजनीति में राहू का विशेष स्थान है। राजनीति के घर से राहू का संबंध बने। तीसरे छटवें भाव में स्थित उच्च का या मूल त्रिकोण का राहू भी बड़े राजनैतिक योग में सहायक है। इस तरह राहू का अनुकूल व शुभ होना आवश्यक है। सफल नेताओं की कुंडली में राहू का संबंध ६वें ७वें १०वें ११वें से भी देखा गया है। ६वां भाग सेवा का है इसलिए जन सेवा में अर्थ बनाता है। गुरु नवम भाव में शुभ प्रभाव में हो और दशम भाव का दशमेश का संबंध ७वें भाव से हो तो राजनैतिक सफलता मिलती है।सूर्य राज्य का कारण ग्रह है यह दशम भाव में स्व राशि या उच्च का हो और राहू छटवें, दसवें, ग्यारहवें भाव संबंध बनाए तो राजनीति में सफलता है। शनि दसवें या दशमेस से संबंध बनाए और १०में मंगल हो तो नेतृत्व मिलता है। सूर्य और राहू आमत्य कारक बनने से संभावनाएं रहती है। जिससे उच्च पद पर ऐश्वर्य प्राप्त होता है। सूर्य नीच का हो व राहू से पीडि़त हो तो अष्टम भाव में या पीडि़त हो तो योग नहीं बन सकते है। ऐसा ही शनि के साथ होता है। शनि कमजोर है व सूर्य वक्री हो तो संगठन में रहकर सफलता मिलती है।

इन राशि पर यह होगा प्रभाव

मेष: सूर्य, मंगल व शनि और दूसरे भाव में राहू हो तो जनता हितैषी राजनेता होता है।

वृष: दशम भाव का राहू राजनीति में प्रवेश दिखाता है। यदि राहू के साथ शुक्र हो तो प्रखर नेता बनता है।

मिथुन: शनि नौवें और सूर्य बुद्य लाभ भाव में राहू सातवें सूर्य 4, 7 और १०वें स्थान पर हो तो विरोधियों में धाक जमाने वाला होगा।

कर्क: शनि पहले, दशमेश मंगल दूसरे भाव, राहू छटवें सूर्य बुद्य पंचम या ११वें स्थान पर हो तो लंबा शासन करता है।

सिंह: गुुरु धन भाव में मंगल छटवें राहू १२वें तथा शनि ११वें विरासत में योग है।

कन्या:१० बुध का संबंध सूर्य से हो, राहू शनि गुरु १ में तो व्यक्ति राजनीति में रुचि रखता है।

तुला: शनि चौथे सूर्य ७वें गुरु ८, शनि नौवें स्थान पर हो तो राजनीतिक सलाहकार बनता है।

वृश्चिक: लग्नेश मंगल १२वें गुरु से छष्ट शनि लाभ भाव में, चंद्र राहू ४ शुक्र ७ सूर्य ११के स्वामीके साथ शुभ भाव में ही प्रखर नेता होगा।

धनु:सूर्य शुक्र ४ में १०में कर्क का मंगल तो तकनीकी व्यक्ति राजनीती में आता है।

मकर: राहू ४ में तथा नीचगत बुध उच्चगत शुक्र पांचवें नीचभंग राजयोग होता है।

कुंभ: सूर्य शुक्र एक मे १०में राहू तो तो राहू व गुरु की दशा में सफलता मिलती है।

मीन: चंद्र शनि 1 में मंगल 11वें शुक्र 6वें भाव और शुक्र की दशा हो तो धन लाभ होता है।

ऐसे करें राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को दूर

रोज रात को सोने से पहले आप गुनगुने पानी में नमक मिलाकर हाथ-पैर धोकर सोएं। ऐसा करने से राहु शांत होता है और अनावश्यक कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही नमक शरीर का दर्द दूर करता है और तनाव मुक्त रखता है। इससे आप रात को चैन की नींद सो पाएंगे और सुबह फालतू परेशानियों से दूर रह पाएंगे।

घर में रखें रॉक सॉल्ट लैंप
रॉक सॉल्ट सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें आयरन-सोडियम के साथ ही शरीर के लिए कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इस रॉक सॉल्ट से बना लैंप घर के वातावरण को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। घर में रॉक सॉल्ट लैंप रखने पर राहू के दोषों में लाभ मिलता है।

घर का भविष्य को स्वस्थ-सुरक्षित
घर के बच्चे घर का भविष्य होते हैं। इन्हें बुरी नजर से बचाए रखने और स्वस्थ रखने के लिए इनके नहाने के पानी में थोड़ा नमक मिला दें और फिर बच्चों को नहलाएं। ऐसा करने से बच्चों को स्किन से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है और वह बुरी नजर से भी बचे रहते हैं।

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