script video: मांगें पूरी ना होने पर 26 फरवरी से ग्रामीण देंगे अनिश्चिकालीन धरना, करेंगे खाली पड़ी जमीन की जुताई | If demands are not met, villagers will stage indefinite strike | Patrika News

video: मांगें पूरी ना होने पर 26 फरवरी से ग्रामीण देंगे अनिश्चिकालीन धरना, करेंगे खाली पड़ी जमीन की जुताई

locationसागरPublished: Feb 10, 2024 12:35:24 pm

Submitted by:

sachendra tiwari

जेपी कंपनी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन, व्याप्त समस्याओं के निराकरण की मांग, पिछले दो सालों से जारी है प्रदर्शन और अधिकारी दे रहे सिर्फ आश्वासन

तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए

बीना. सिरचौंपी स्थित जेपी थर्मल पावर प्लांट में व्याप्त समस्याओं के खिलाफ भाजपा किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम के नाम तहसीलदार सुनील शर्मा को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांगें पूरी ना होने पर 26 फरवरी से अनिश्चिकालीन धरना देने और कंपनी की खाली पड़ी जमीन की जुताई करने की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बेतवा नदी में छोड़े जा रहे केमिकल युक्त पानी को रोकने कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, कोयले की धूल उडऩे से आसपास की फसलें खराब हो जाती हैं, जिससे वायु प्रदूषण फैल रहा है, केमिकल युक्त दूषित पानी से जमीन की उर्वरा क्षमता कम हो रही है, अनुबंध के अनुसार कृषक परिवारों के सदस्यों को नौकरी नहीं दी गई है, मजदूरों को कलक्टर रेट पर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वहीं, प्लांट के चारों तरफ कृषि भूमि हैं और किसानों को आने-जाने में परेशानी होती है, इसलिए वहां रोड बनाए जाएं। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता के आधार पर रोजगार नहीं दिया जाता है, अस्पताल में स्थानीय निवासियों को इलाज की व्यवस्था नहीं है, कंपनी द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन से ज्यादा पर कब्जा किया गया है, इसलिए पुराने नक्शा के अनुसार सीमांकन किया जाए, कूलिंग टावर से गिर रहे केमिकलयुक्त पानी से फसलें खराब हो रही है, जिसका मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। बेतवा नदी पर बांध बनने से ग्राम गोंची की करीब पचास एकड़ भूमि को जाने वाला रास्ता डूब गया है, जमीन तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाए जाने सहित अन्य मांगें ज्ञापन में शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में गोविंद ङ्क्षसह, जगदीश महाराज, मानक, चित्तर, करन सिंह, प्रेमसिंह, तुलाराम, रघुवीर, भरत, करन आदि शामिल हैं। गौरतलब है कि पूर्व में भी किसान कंपनी के खिलाफ धरना दे चुके हैं और मांगें पूरी होने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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