लाखों रुपए खर्च, फिर भी खुले में शौच जा रहे लोग

लाखों रुपए खर्च, फिर भी खुले में शौच जा रहे लोग

anuj hazari | Publish: Mar, 14 2018 08:53:51 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 08:55:07 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

शहर नहीं हो पा रहा है खुले में शौच मुक्त

बीना. शहर भले ही ओडीएफ हो गया हो, लेकिन अभी भी लोग खुले में शौच करने जा रहे हैं। इस ओर नगरपालिका द्वारा भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिन लोगों के शौचालय बन भी गए है वह भी खुले में शौच जा रहे हैं। लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी उसका उद्देश्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
शहर में कुल 832 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था, जिसमें 600 शौचालय तैयार हो चुके हैंऔर 124 का काम चल रहा है, इसके बाद भी लोग शौच के लिए खुले में ही जा रहे हैं। खुले में शौच जाने वालों को शौचालय का उपयोग कराने जागरुक करने के लिए नगरपालिका द्वारा योजना तैयार की जा रही थी, लेकिन अभी तक उसपर अमल नहीं किया गया है। शहर के कुछ बाहरी क्षेत्र तो ऐसे हैं जहां खुले में शौच करने वाले लोगों से परेशान हो चुके हैं और नगरपालिका में शिकायत भी दर्ज कराई हैं। क्योंकि वहां चारों तरफ गंदगी फैल रही है।
दूसरे उपयोग में ले रहे शौचालय
लोगों ने शौचालय तो बनवा लिए हैं, लेकिन उनका उपयोग दूसरे कामों में कर रहे हैं। कुछ लोगों ने उसमें लकड़ी भर रखी है तो किसी ने अन्य सामान। शौचालय बनने के बाद नपा अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा भी शौचालयों की स्थिति नहीं देखी जा रही है कि लोग उसका उपयोग कर रहे हैं या नहीं। यदि निरीक्षण कर इस मामले में कार्रवाईकी जाए तो इनका उपयोग लोग करने लगेंगे।
दरकने लगीं शौचालयों की दीवारें
शौचालयों को बनाते सयम गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं दिया गया है। जिससे अभी से दीवारों, छत में दरारें आनेे लगी हैं। यदि इन शौचालयों की मरम्मत नहीं की गई तो कुछ दिनों में ही यह गिरने की स्थिति में पहुंच जाएंगे।
हितग्राही और ठेकेदारों ने बनाए है शौचालय
स्वच्छता अभियान के तहत हितग्राही और ठेकेदार के द्वारा ठेकेदार बनाए गए हैं। हितग्राही द्वारा जो शौचालय बनाए गए हैं उनकी लागत १३ हजार ६०० रुपए है और ठेकेदार द्वारा बनाए गए शौचालय की लागत १२ हजार ५०० रुपए हैं। यदि ६०० शौचालय १२ हजार ५०० रुपए की राशि से भी बने हैं तो अभी तक ७५ लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। साथ ही जो निर्माणाधीन शौचालय हैं उनके लिए भी कुछ राशि जारी हो चुकी है।
नहीं माने तो सुविधाओं से करेंगे वंचित
लोगों को जागरुक किया जा रहा है, यदि वह फिर भी शौचालय का उपयोग नहीं करेंगे तो उन्हें नपा से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा।
नीतू अज्जू राय, नपाध्यक्ष, बीना

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