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इस केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए भरे जाएंगे ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा मई में

बीए, बीकॉम, बीबीए, बीएससी, बीफार्मा, बीएड, बीलिब, बीजे, एलएलबी और बीए एलएलबी के लिए फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे।
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सागर

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Gulshan Kumar Patel

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Updated: 10 Mar 2018, 4:04 PM IST

Online application will be filled for admission to Central University

Online application will be filled for admission to Central University

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर विवि में सत्र २०१८-२०१९ के लिए प्रवेश परीक्षा मई में होगी। यूजी, पीजी और पीएचडी पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा १६, १७ और १८ मई को यह देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी। बीए, बीकॉम, बीबीए, बीएससी, बीफार्मा, बीएड, बीलिब, बीजे, एलएलबी और बीए एलएलबी के लिए फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में एमएससी, एमफार्मा, एमकॉम, एमए, एमटेक, एमएड, एमबीए, एमसीए, एमलिब, एमएड एवं पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भरे जाएंगे।
कार्यालय में जमा नहीं होंगे पत्र
आवेदन का प्रिंटआउट काउंसलिंग के समय प्रस्तुत करना होगा। आवेदन प्रवेश प्रकोष्ठ कार्यालय में जमा नहीं करना है। केवल खेल कोटा के अतंर्गत आने वाले विद्यार्थियों को ही आवेदन की एक प्रति के साथ खेलकूद के प्रमाण पत्रों सहित आवेदन समन्वय प्रकोष्ठ में २५ अप्रैल तक जमा करने होंगे।

असिस्टेंट प्रोफेसर्स के नियमितिकरण की मांग की याचिका खारिज

सागर. विवि में वर्ष २०१३ में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नियुक्ति को लेकर मप्र हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया गया है। याचिका में विवि के शिक्षकों ने उन्हें नियमित करने की मांग की थी, जिसको सीबीआई व विवि की जांच के आधार पर खारिज कर दिया गया है।
दरअसल, केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. एसएन गजभिए द्वारा वर्ष २०१३ में स्वीकृत ८० पदों के विरुद्ध १५७ सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की गई थी। इन नियुक्तियों में रोस्टर नियमों का पालन भी नहीं किया गया था। जिसकी जांच के बाद सीबीआई ने नियुक्ति को लेकर संदेह जताया था। सीबीआई जांच के बाद विवि ने आरोपी सभी शिक्षकों को एक साल बाद भी नियमित नहीं किया, जिसके बाद नियमितिकरण की मांग को लेकर वर्ष २०१७ में चंद्रमा प्रकाश उपाध्याय सहित अन्य शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
डबल बैंच द्वारा याचिका की सुनवाई पूरी होने तक इन शिक्षकों को सेवा से पृथक करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही विवि प्रशासन से इसका जवाब मांगा था। विवि द्वारा हाईकोर्ट में उक्त शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सीबीआई द्वारा उठाए गए सवालों व संदेह का हवाला दिया गया। जबलपुर हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डबल बैंच ने याचिका क्रमांक डब्ल्यूपी/३३५७/२०१७ को खारिज करते हुए उनके नियमितिकरण को लेकर विवि को दो माह में निर्णय लेने को कहा है।