script video: निर्माण कार्य के दौरान नहीं रखा जा रहा सुरक्षा का ध्यान, फिर हादसे को दे रहे न्यौता, जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान | Safety is not being taken care of during construction work | Patrika News

video: निर्माण कार्य के दौरान नहीं रखा जा रहा सुरक्षा का ध्यान, फिर हादसे को दे रहे न्यौता, जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

locationसागरPublished: Feb 10, 2024 12:16:27 pm

Submitted by:

sachendra tiwari

मालखेड़ी स्टेशन के निर्माणाधीन प्लेटफॉर्म क्रमांक तीन का मामला, बच्ची के गड्ढे में फंसने के बाद भी नहीं जाग रहे जिम्मेदार, लगातार बरत रहे लापरवाही

प्लेटफॉर्म निर्माण के दौरान नहीं लगाए संकेतक, ना लगे बैरिकेड्स
प्लेटफॉर्म निर्माण के दौरान नहीं लगाए संकेतक, ना लगे बैरिकेड्स

बीना. मालखेड़ी स्टेशन पर तीन नंबर प्लेटफॉर्म के निर्माण कार्य में सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और यहां फिर से हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यहां ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य चलने के संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं, ना ही किसी कर्मचारी को देखरेख के लिए बैठाया गया है।
दो नंबर प्लेटफॉर्म के बाजू से दूसरी तरफ तीन नंबर प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है। दो नंबर प्लेटफॉर्म पर यात्री ट्रेनों का स्टापेज है, जिससे यहां यात्रियों का आना जाना रहता है। रात के समय भी यहां यात्री आते हैं। इसके बाद भी निर्माण करते समय लापरवाही बरती जा रही है। यात्री अधूरे तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाते हैं, क्योंकि यहां कोई संकेतक नहीं हैं और ना ही बैरिकेड्स लगाए गए हैं, पूरा एरिया खुला हुआ है। रात के समय यदि कोई यात्री निर्माणाधीन प्लेटफॉर्म से नीचे गिरा, तो उसे गंभीर चोटें आ सकती हैं, क्योंकि वहां गहराई चार फीट है और नीचे पत्थर डले हुए हैं। यदि यहां संकेतक पट्टी बांधी जाए, तो कोई दूसरी तरफ जाएगा ही नहीं। अधूरा काम होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा यहां किसी व्यक्ति को निगरानी के लिए नहीं रखा गया है और इस ओर रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारी सिर्फ निरीक्षण करने आते हैं और वापस चले जाते हैं। अभी भी यहां खंभे के लिए बनाए गए गड्ढे खुले पड़े हैं, गुरुवार को बच्ची के गिरने के बाद भी इन्हें ढंका नहीं गया है। शायद अभी फिर किसी हादसे का इंतजार है।
रेलवे के अधिकारी नहीं पहुंचे थे मौके पर
रेलवे की जगह में ही बच्ची गड्ढे में गिरी थी, लेकिन रेस्क्यू के दौरान रेलवे के अधिकारी नहीं पहुंचे और ना ही ठेकेदार द्वारा कोई मदद की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा ही मशीनों की व्यवस्था कराई गई और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। यदि रेलवे के अधिकारी मदद करते, तो बच्ची कुछ देर में ही बाहर निकल आती, क्योंकि रेलवे के पास पर्याप्त संसाधन हैं।
रेलवे के अधिकारी करेंगे कार्रवाई
एसडीएम देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि ठेकेदार द्वारा बरती जा रही लापरवाही के संंबंध में रेलवे के अधिकारियों से बात की है और उन्होंने कार्रवाई करने के लिए कहा है। साथ ही सुरक्षा को लेकर रेलवे वहां फेंसिंग भी कराई गई।

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