सागर

13 करोड़ की लागत से आकार लेगी साइंस इंटीग्रेटेड लैब

-विवि में एक छत के नीचे रिसर्च व प्रैक्टिकल पर दिया जा रहा जोर

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Jan 17, 2023
13 करोड़ की लागत से आकार लेगी साइंस इंटीग्रेटेड लैब

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में रिसर्च को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साइंस इंटीग्रेटेड लैब एन्ड लेक्चर कॉम्प्लेक्स बनाए जाने को मंजूरी मिल गई है। इस कॉम्प्लेक्स के बनने के बाद अब साइंस विषय के विद्यार्थियों व शोध छात्रों को अलग-अलग प्रयोगशालाओं में जाकर रिसर्च व प्रैक्टिल नहीं करने होंगे। एक ही छत के नीचे यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
अभी केमिस्ट्री, जूलॉजी और फिजिक्स विभाग में अलग-अलग प्रयोगशालाएं हैं। इसका उपयोग यूजी, पीजी और पीएचडी के छात्र करते हैं। यह प्रयोगशालाएं क्षमता के अनुकूल नहीं है। इस वजह अलग-अलग दिनों में विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल करने का समय दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार केमिस्ट्री, जूलॉजी्र, फिजिक्स विभाग इस कॉम्प्लेक्स का हिस्सा होंगे।
-ईडब्ल्यूएस स्कीम के तहत मिलेगा बजट अनुदान
इंटीग्रेटेड लैब इंजीनियरिंग विभाग के परिसर में प्रस्तावित है। जगह चिंहित कर ली गई है। इस कॉम्प्लेक्स को बनाने में करीब १३.३८ लाख रुपए का खर्च आएगा। यह राशि इडब्ल्यूएस स्क्रीम के तहत मिलेगी। इंजीनियरिंग विभाग बजट के आधार पर डीपीआर तैयार कर रहा है।
-लिफ्ट, फायर सेफ्टी की भी रहेगी सुविधा
कॉम्प्लेक्स तीन मंजिला बनाया जाएगा। इसमें लिफ्ट सुविधा रहेगी। फायर सेफ्टी सिस्टम भी लगाया जाएगा। साथ ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा ताकि बारिश का पानी बर्बाद न हो। इसके अलावा सोलर एनर्जी सिस्टम इंस्टाल करने की बात भी कही जा रही है।

वर्जन
साइंस इंटीग्रेटेड लैब एंड लेक्चर कॉम्प्लेक्स की मंजूरी मिली है। इसमें केमिस्ट्री, जूलॉजी और फिजिक्स विभाग के विद्यार्थी व शोध छात्र रिसर्च करेंगे।
डॉ. विवेक जयसवाल, मीडिया अधिकारी

Published on:
17 Jan 2023 09:12 pm
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