
डॉक्टर ने लिखा रैबीज का इंजेक्शन, नर्स ने कहा नहीं है
बल्देवगढ़.सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ स्टाफ की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। आलम यह है कि यहां पर पहुंचने वाले मरीजों को दवाओं एवं इंजेक्शन के लिए स्पष्ट रूप से मना किया जा रहा है। बुधवार को तो उस समय हद ही हो गई, जब एक नर्स ने कुत्ते के काटने से पीडि़त होकर पहुंची एक बच्ची को उसके पर्चे पर ही नर्सने लिखकर दे दिया कि उसके पास एंटी रैबीज और टिटनेस का इंजेक्शन नही है।
कर्मचारियों की बार-बार आ रही शिकायतों पर आंखे मूंदे बैठे अधिकारियों की लापरवाहियों को खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। मरीजों को सुविधा देने के लिए प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही सरकार के तमाम प्रयासों पर ऐसे अधिकारी और कर्मचारी पानी फेर रहे है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहे मरीजों को इन लापरवाहियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हद तो यह है कि एक के बाद एक शिकायतें आने पर भी अधिकारियों द्वारा लापरवाही करने वालों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।
किया इंजेक्शन देने को मना
बुधवार को नगर में निवास करने वाले रामेश्वर सेन की 10 वर्ष की बच्ची मिनी को पागल कुत्ते ने काट लिया था। कुत्ते के काटने के बाद रामेश्वर उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे और डॉक्टरों ने उसे टिटेनेस एवं एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवान की सलाह दी। डॉक्टर का पर्चा लेकर जब रामेश्वर स्टॉफ नर्स सावित्री रैकवार के पास पहुंचे तो उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र में टीटी एवं रेबीज का इंजेक्शन न होने की बात कहीं। इस पर परिजनों ने कहा कि जब डॉक्टर लिख रहे तो इंजेक्शन कैसे नही है। इस पर सावित्री रैकवार ने सीधा पर्चे पर लिखकर दे दिया कि उनके पास इंजेक्शन नही है। इसके बाद रामेश्वर ने अपनी बच्ची को प्रायवेट डॉक्टर के पास लेकर इंजेक्शन लगवाया। वहीं बीएमओ का कहना हैकि केन्द्र पर टीटी एवं रैबीज पर्याप्त मात्रा है। इससे साफ है कि यहां पर पदस्थ कर्मचारियों की लोगों की सेवा करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
पहले भी सामने आए है ऐसे मामले
विदित हो कि यहां पर पदस्थ स्टाफ की लापरवाहियों के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके है। लेकिन हर बार वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नोटिस, जवाबा की कार्रवाई के बाद मामले दफा-दफा कर दिए जाते है। विदित हो कि संबंधित नर्स के पहले भी प्रसव के लिए पैसे मांगने, मरीजों से दुव्र्यवहार करने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी है। इन मामलों में भी अधिकारियों ने नोटिस जारी करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की है। यदि अधिकारियों का इस प्रकार की गंंभीर लापरवाही करने वाले अपने स्टॉफ के प्रति ऐसा ही नरम रवैया रहा तो, लोगों को सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का कोईलाभ नही मिलेगा। इस घटना के बाद एक बार फिर से बीएमओ ने नोटिस जारी करने की बात कहीं है।
केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में टीटी एवं एंटी रैबीज के इंजेक्शन है। नर्स द्वारा इस प्रकार का पर्चेपर क्यों खिला गया, इसकी जांच की जाएगी। नोटिस जारी करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसके छिलवार, बीएमओ, बल्देवगढ़
Published on:
06 Jun 2019 09:00 am

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