कागजों में बना दिए शौचालय, 20  प्रतिशत को अब भी खुले में ही आ रहा रास

कागजों में बना दिए शौचालय, 20  प्रतिशत को अब भी खुले में ही आ रहा रास

Manish Kumar Dubey | Publish: Sep, 11 2018 05:47:58 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

स्वच्छता अभियान के हाल बेहाल

जिला पंचायत के अधिकारियों ने भी स्वीकारा
शौचालय निर्माण पूर्ण कर मान रहे ओडीएफ, उसमें भी करीब 50 हजार शौचालयों की अभी दरकार
सागर. ग्राम पंचायतों में शौचालय विहीन परिवारों के पोर्टल पर दर्ज लक्ष्य को पूर्ण कर विभाग के जिम्मेदार जिले को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) मान रहे हैं। जबकि हकीकत देखी जाए तो जिले का ओडीएफ होना अभी दूर की कौड़ी है। यह बात हम नहीं, बल्कि पंचायत विभाग के अधिकारी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं। स्वच्छता मिशन के जिला समन्वयक प्रदीप सिंह ने ही यह माना है कि अभी करीब 20 प्रतिशत लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं। इसके बाद भी शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा कर जिम्मेदार वाहवाही लूटने में जुट गए हैं।
470 गांव ही हो सके ओडीएफ- केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय की अधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज जिले के १९०६ गांव में से कहने को तो जिले के 1812 गांव ओडीएफ घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन जब सत्यापन की बात आती है तो यह आंकड़ा अभी भी 470 पर ही अटका हुआ है। या यह भी कह सकते हैं कि स्वच्छता मिशन से जुड़े जिम्मेदार केवल खानापूर्ति कर वेबसाइट पर आंकड़े अपडेट कर वाहवाही लूटने में जुटे हुए हैं।
2.78 लाख था जिले का टारगेट- पंचायत विभाग के पोर्टल पर दर्ज शौचालय विहीन घरों की संख्या २ लाख 78 हजार 484 थी। जिसमें बंडा में 23198, बीना 18798, देवरी 23480, जैसीनगर 24880, केसली 23122, खुरई 22187, मालथौन 18984, राहतगढ़ 23374, रहली 43478, शाहगढ़ 37233 और सागर जनपद में 19750
घरों में शौचालय का निर्माण किया जाना था।

पोर्टल पर कर ली गई लक्ष्य की पूर्ति
पंचायत विभाग ने जिले की सभी ११ जनपदों में २.७८ लाख के करीब शौचालयों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। विभागीय जानकारों की माने तो यह उस लक्ष्य की पूर्ति है जो पोर्टल पर दर्ज किया गया था, जबकि हकीकत में देखा जाए तो जिले में अभी करीब ५० हजार और शौचालयों के निर्माण की जरूरत है। यदि विभाग के जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो जिले का ओडीएफ होना मुश्किल है।

निर्माण तो पूरा
पोर्टल पर दिए लक्ष्य के अनुसार शौचालय का निर्माण पूर्ण हो चुका है, इसके बाद अभी यह अंदाजा है कि करीब 20 प्रतिशत आबादी खुले में शौच
के लिए जा रही है।
प्रदीप सिंह,
जिला समन्वयक,
स्वच्छता मिशन
2.78 लाख था
जिले को टारगेट
जिले में शौचालय विहीन घर
2 लाख 78 हजार 484
बंडा में 23198
बीना 18798
देवरी 23480
जैसीनगर 24880
केसली 23122
खुरई 22187
मालथौन 18984
राहतगढ़ 23374
रहली 43478
शाहगढ़ 37233
सागर में 19750
(पंचायत विभाग के पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार)

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