​उल्टी, दस्त से दो बच्चों की मौत, ग्रमीण आए दहशत में

​उल्टी, दस्त से दो बच्चों की मौत, ग्रमीण आए दहशत में

sachendra tiwari | Publish: Sep, 10 2018 11:00:00 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची गांव, किया लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण

बीना. ग्राम बिहरना की आदिवासी बस्ती में उल्टी दस्त के चलते दो दिनों में दो बच्चों की मौत हो गई। इसकी सूचना जब स्वास्थ्य विभाग को मिली तो रविवार की दोपहर वह गांव पहुंचे और लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की गईं। आदिवासी बस्ती में उल्दी, दस्त से और भी लोग पीडि़त हैं।
मिली जानकारी के अनुसार आशीष पिता कन्छेदी आदिवासी (4)को शुक्रवार शाम से उल्टी, दस्त शुरू हुए थे और जब उसके परिजन उसे बीना ला रहे थे तो रास्ते में नाला चढ़ा होने के कारण वह बीना नहीं आ सके और फिर उसे भानगढ़ ले गए तो वहां डॉक्टर ने बीना ले जाने के लिए बोला। इसके बाद शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार कार्तिक उर्फ राज पिता मनिराम आदिवासी ढाई वर्ष को भी उल्टी, दस्त हो रहे थे, जिससे उसकी रविवार सुबह मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि कार्तिक की मां जमना बाईको भी उल्टी दस्त हो रहे हैं और परिजन उसका निजी क्लिीनिक में इलाज कराने ले गए। साथ ही आदिवासी बस्ती के संतोष अहिरवार, प्रदीप, धीरज, रामसिंह भी उल्टी दस्त से पीडि़त हैं। दोपहर बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल गांव पहुंचे और बस्ती में मौजूद लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की। जिसमें पेट दर्द, सर्दी के मरीजों का भी इलाज किया गया।
कुआं का पीते हैं पानी
गांव में कुआं का पानी नलजल योजना से सप्लाईहोता है। यही पानी गांव के लोग पीते हैं। गांव में करीब दस हैंडपंप हैं, लेकिन सिर्फ दो ही चालू हैं, जिससे सभी नलजल योजना का पानी पीते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुएं में कभी कभार ही दवाएं डाली जाती हैं। ग्रामीणों ने नियमित दवाएं डालने की मांग की है।
आंगनबाड़ी में बैठती हैं एएनएम
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एएनएम तो आती हैं, लेकिन वह आंगनबाड़ी में बैठ जाती हैं। ग्रामीणों को ओआरएस या अन्य दवाओं का वितरण भी नहीं किया जाता है। यदि गांव में सर्वे कर लोगों को दवाएं वितरित की जाएं तो परेशानी नहीं होगी।
गंदगी से हुई है बीमारी
बीएमओ ने बताया कि कुछ करीब पांच लोग दस्त वाले आए और एक उल्टी का मरीज मिला। बारह लोग पेट दर्द वाले आए थे। यह बस्ती में फैली गंदगी से हो रहा है। आशीष की मां पहले बच्चे को सांप दिखने के बाद बीमार होने की बात कही रही थी, लेकिन बाद में परिवार वाले अब उल्टी, दस्त होने की बात कह रहे हैं। लोगों सफाई रखने के लिए जागरुक किया जा रहा है। साथ ही करीब चार दिनों तक अब स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां नजर रखेगी। साथ ही लोगों को सफाईरखने जागरुक किया जा रहा है।

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