किसी नहीं पता 5 रातों में से कौन सी शब-ए-कद्र की रात है
यह निर्धारित है कि शब-ए-कद्र रमजानुल मुबारक के महीने में आती है, लेकिन किस रात में है, यह नहीं बताया गया है। इस सिलसिले में साहबे तफसीर मजहरी ने लिखा है कि सही बात यह है कि शब-ए-कद्र रमजान मुबारक के आखिरी अशरे (आखिरी दस दिन) में होती है, लेकिन आखिरी अशरे की कोई विशेष तिथि निर्धारित नहीं है। आखिरी दस रातों में से खास ताक रातों यानी 21, 23, 25, 27 और 29वीं रात में अहादीस सहीहा में शब-ए-कद्र होने की अधिक उम्मीद है। सही बुखारी में हजरत आयशा सिद्दीका रजि. की रिवायत है कि पैगंबर-ए-इस्लाम (स) ने इरशाद फरमाया शब-ए-कद्र को रमजान के आखिरी अशरे में तलाश किया करो। सही मुस्लिम में हजरत सुफियान बिन एैनिया रजि. की रिवायत में है कि सरकारे दो आलम स.अ.व ने इरशाद फरमाया कि शब-ए-कद्र को रमजान के अशरा-ए-आखिर की ताक रात में तलाश करो।