27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्टांप खरीद में हेराफेरी करने वालों पर जिलाधिकारी ने लगाया एक करोड़ रुपए का जुर्माना

Highlights विकास प्राधिकरण में सांठगांठ करके गलत तरीके से पास कराए नक्शे जिलाधिकारी की अदालत से लगाया गया एक कराेड़ रुपए का जुर्माना
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सहारनपुर

•

image

shivmani tyagi

•

Updated: 13 Nov 2020, 3:46 PM IST

dm_order.jpg

order

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
सहारनपुर ( Saharanpur ) स्टांप खरीद में 68 लाख 50 हजार रुपये की हेराफेरी करने पर जिलाधिकारी की अदालत ने एक कराेड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम जल्द से जल्द राजस्व में जमा कराने के आदेश भी अदालत ने दिए हैं। अगर ऐसा नहीं किया गया ताे कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें: तो सहारनपुर में किसी ने नहीं माने नए कमिश्नर के निर्देश, देखें फाेटाे

सहारनपुर जिला अधिकारी ( Saharanpur DM ) की अदालत से जारी इन आदेशों ने उन लाेगाें काे सावधान कर दिया है जो पैसों के लालच में स्टांप खरीद में हेराफेरी करते हैं या फिर स्टांप की चोरी करते हैं। सहारनपुर के एक व्यापारी परिवार ने शहर के बीचोबीच घंटा-घर पर विकास प्राधिकरण से सांठगांठ करके कमर्शियल भूमि को आवासीय भूमि दिखाकर नक्शा पास करा लिया और फिर दुकानों के प्लॉट 32 अलग-अलग लोगों को बेच दिए। इस तरह इस परिवार ने करीब 68 लाख 50 हजार रुपये की स्टांप चोरी कर ली और इतना पैसा इन्होंने बचा लिया। अब यह मामला खुलने पर जिलाधिकारी की अदालत ने इन लाेगाें पर एक कराेड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा है कि जितना गबन किया गया है उसका ब्याज भी आरोपियों को देना होगा।

यह भी पढ़ें: एएसपी के जिला अध्यक्ष और भीम आर्मी के मंडल प्रभारी समेत 50 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सहायक शासकीय अधिवक्ता राजस्व अजय त्यागी ने बताया कि जिन लोगों ने यह प्लाट खरीदे थे उन्होंने विकास प्राधिकरण में सैटिंग करके नक्शे भी स्वीकृत करा लिए थे। सभी नक्शे आवासीय क्षेत्र में स्वीकृत कराए गए थे लेकिन यह मामला घंटाघर चौक से श्रीराम चौक के बीच का है और यहां पर कोई भी आवासीय प्लॉट नहीं है। ये मामला जिलाधिकारी की अदालत में पहुंचा को जिलाधिकारी ने सभी मामलों में उनके स्वामियो को कुल मिलाकर 68 लाख रुपए की स्टांप चोरी का दोषी पाया और इस आधार पर इन सभी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक करोड रुपए का जुर्माना लगाया।