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जिले के 77 हाइस्कूलों के 137 शिक्षकों की होगी परीक्षा

प्रदेश के 1269 विद्यालयों के 2065 शिक्षकों को देना होगा अपनी योग्यता का प्रमाण

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Restrictions on marriage and political events in school premises

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सतना. हाईस्कूल के खराब परिणामों के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग अपनी प्रशिक्षण की योजना बनाने से पहले 30 फीसदी से कम रिजल्ट वाले विद्यालयों के शिक्षकों की परीक्षा लेने जा रहा है। 12 जून को ली जाने वाली परीक्षा में शिक्षकों की दक्षता परीक्षण के बाद विभाग उनके प्रशिक्षण की कार्ययोजना बनाएगा। जिले के कुल 261 हाइस्कूलों में से 77 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं जहां 30 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम रहा है। इन 77 विद्यालयों के 137 शिक्षकों को अपनी योग्यता का प्रमाण 12 जून की परीक्षा में देना होगा। इसी तरह से प्रदेश में 1269 विद्यालय ऐसे पाए गए हैं जहां के शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी। इन विद्यालयों के 2065 शिक्षक परीक्षा में भाग लेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने हाइस्कूलों में 30 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के शिक्षकोंं की परीक्षा के लिये जो मापदण्ड तय किए हैं उसके अनुसार जिले के 77 विद्यालयों के शिक्षकों को परीक्षा में बैठना होगा। इसमें अंग्रेजी विषय के 38 शिक्षक, गणित के 70, विज्ञान के 15 और सामाजिक विज्ञान के 14 शिक्षकों की परीक्षा ली जाएगी। इन्हें परीक्षा का दिनांक, समय और स्थल की जानकारी देने का जिम्मा जिला शिक्षाधिकारी को दिया गया है।

इन विद्यालयों में ये शिक्षक देंगे परीक्षा
हाइस्कूलों महुडऱ के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान के शिक्षक परीक्षा देंगे। इटमा कोठार के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, पपरा के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, मुकुन्दपुर के गणित, ललितपुर कोटर अमरपाटन के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, ओबरा के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, ककलपुर के अंग्रेजी, गणित और सामाजिक विज्ञान, ऐरा के गणित, अमदरा के गणित, कर्तहा मैहर के गणित, अमिलिया कला मैहर के गणित, जरियारी गणित, कांसा अंग्रेजी, भटिगवां के अंग्रजी व गणित, गोबरी के गणित और सामाजिक विज्ञान, रिवारा के गणित, जुड़वानी के अंग्रेजी, गणित व विज्ञान, मौदहा मैहर के अंग्रेजी, बिहराखुर्द के अंग्रेजी व गणित, बड़ेरा के गणित, बदेरा के गणित, भदनपुर के गणित, इटमा मैहर गणित, आमातारा के गणित व विज्ञान, मझगवां मैहर गणित, नादन गणित, डेलहा के अंग्रेजी, गणित और विज्ञान, धनवाही गणित, भेड़ा के अंग्रेजी, गणित, प्रतापपुर मझगवां के गणित, कारीगोही गणित, झरी मझगवां गणित, पटनाकला गणित, शुकवाह अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, गोपालपुर चित्रकूट अंग्रेजी, कौहारी अंग्रेजी, गुंझवा अंग्रेजी गणित, अर्जुनपुर चित्रकूट अंग्रेजी, हिरौंदी के अंग्रेजी गणित के शिक्षक परीक्षा देंगे। महतैन के गणित, नकैला के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, गल्र्स मझगवां के गणित, बरुआ अंग्रेजी गणित, मड़ई गणित, करहिया नागौद के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, सिंहपुर गणित, बिलौंधा गणित, उमरिया नागौद अंग्रेजी, रौंड़ गणित, देवरा मोलहाईरामनगर के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, बड़वार अंग्रेजी गणित, सेमरिया रामनगर अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, उत्कृष्ट रामनगर अंग्रेजी गणित, गल्र्स रामनगर अंग्रेजी गणित, गोरसरी गणित, गोविन्दपुर रामनगर अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, हिनौती गणित, कंदवारी गणित, मझटोलवा रामनगर अंग्रेजी गणित, महदेवा गणित, घुंघचिहाई रामपुर गणित, महिदलकला के अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान, जमुना रामपुर के अंग्रेजी, गणित और सामाजिक विज्ञान, गौहारी गणित, खरवाही अंग्रेजी गणित, शिवपुरवा अंग्रेजी, मरौहा रामपुर गणित, रामनगर रामपुर बाघेलान अंग्रेजी गणित, असरार गणित, दलदल अंग्रेजी गणित, बिड़ला कालोनी गणित, पथरहटा उचेहरा गणित, अंतरबेदिया कला अंग्रजी गणित, तुषगवां अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, रामपुर पाठ गणित, परसमनिया अंग्रेजी गणित, गुढ़ा गणित, पहाड़ी उचेहरा के गणित विषय के शिक्षक को परीक्षा देनी होगी।

8 विद्यालयों के चारों विषय के शिक्षक
जिले के 8 विद्यालय ऐसे चयनित किए गए हैं जहां अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को अपनी योग्यता की परीक्षा देनी होगी। ये ऐसे विद्यालय हैं जहां इन चारों विषयों में 70 फीसदी विद्यार्थी फेल हुए हैं।

ये हैं सबसे फिसड्डी विद्यालय
विषयवार सबसे खराब परिणाम वाले विद्यालयों को देखें तो अंग्रेजी में सेमरिया रामनगर हाइस्कूल सबसे खराब रहा। यहां 92.5 फीसदी विद्यार्थी अंग्रेजी विषय में फेल हुए। गणित विषय में सबसे खराब परिणाम देवरा मोलहाई रामनगर का रहा। यहां 94.8 फीसदी विद्यार्थी गणित विषय में फेल हो गए। इसी तरह विज्ञान विषय में सबसे खराब परिणाम भी देवरा मोलहाई हाईस्कूल का ही रहा। यहां 89.6 फीसदी विद्यार्थी विज्ञान में फेल रहे। सामाजिक विज्ञान में सबसे खराब परिणाम देवरा मोलहाई वद्यालय का रहा। यहां 89.6 फीसदी विद्यार्थी फेल हुए। हिन्दी में सबसे खराब परिणाम इटमा कोठार विद्यालय का रहा। यहां 56.4 फीसदी विद्यार्थी हिन्दी में फेल हो गए। संस्कृत विषय का भी सबसे खराब परिणाम देवरा मोलहाई विद्यालय का पाया गया। यहां सर्वाधिक 52.1 फीसदी विद्यार्थी संस्कृत जैसे सहज विषय में फेल हुए।

जिले का सबसे घटिया विद्यालय देवरा मोलहाई

हाईस्कूल के परीक्षा परिणामों को अगर देखा जाए तो रामनगर विकासखंड का देवरा मोलहाई हाईस्कूल सबसे खराब विद्यालय पाया गया है। यहां का परीक्षा परिणाम जिले में सबसे खराब 2.1 फीसदी रहा। अर्थात यहां दो फीसदी विद्यार्थी ही परीक्षा पास कर पाए। इस विद्यालय में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत विषय में जिले में सबसे ज्यादा फेल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या रही है।