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एमपी को मिला एक मेडिकल कालेज, दौड़ में सतना सबसे आगे

केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना के लिए खुलने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए दमोह और खजुराहो से होगा मुकाबला। सतना में जमीन तक पहले से है चिह्नित

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सतना

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Rajiv Jain

Feb 08, 2018

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सतना. मोदी सरकार के अंतिम पूर्ण बजट में आयुष्मान योजना के तहत देश में 24 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लेते हुए उसकी सूची जारी कर दी है। द्वितीय चरण के लिये जारी इस सूची में 8 राज्यों में मेडिकल कालेज खोलने का निर्णय लिया गया है। इसमें मध्यप्रदेश से सतना सहित दमोह और खजुराहो को शामिल किया गया है। द्वितीय चरण में इन तीन में से किसी एक स्थान में मेडिकल कालेज खोला जाएगा। अब इसमें जो भी जिला सर्वाधिक उपयुक्त और राजनीतिक प्रभावशाली होगा उसे ही मेडिकल कॉलेज मिलेगा। अब यह इस पर निर्भर करेगा कि जनप्रतिनिधि केन्द्र के समक्ष कितनी दमदारी से अपना पक्ष रख पाते है।
जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने लगभग 14931 करोड़ की लागत से 2019-20 तक देश में 24 नए मेडिकल कालेज खोलने का निर्णय ले चुकी है। देश में 58 नए मेडिकल कालेज खोलने की चालू योजना के दूसरे चरण के तहत इन कॉलेजों को उन स्थानों में खोला जाएगा, जहां अभी इनका अभाव और ज्यादा आवश्यकता है। दूसरे चरण के तहत 2021-22 तक 3675 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है जिसमें 2019-20 तक 2600 करोड़ खर्च होंगे। दूसरे फेज में 64 स्थानों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें 24 स्थलों पर मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

8 ब्लॉकों में बांटा
दूसरे चरण की योजना में जिन राज्यों को मेडिकल कालेज स्वीकृत किये गये हैं उनमें मध्यप्रदेश सहित बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और सिक्किम शामिल है। इन राज्यों को मेडिकल कॉलेज देने के लिए राज्यवार 8 ब्लॉक तय किये गये हैं। मध्यप्रदेश को ब्लाक 1 में रखते हुए तीन स्थानों का चयन किया गया है। इनमें सतना, दमोह और खजुराहो को शामिल किया गया है।

IMAGE CREDIT: patrika

सतना की दावेदारी इसलिये बेहतर
मध्यप्रदेश में जो तीन जिले तय किये गये हैं उसमें सतना इकलौता है जिसके पास मेडिकल कालेज के लिये पहले से पर्याप्त आरक्षित जमीन उपलब्ध है। दूसरा सतना इकलौता है जिसका पहले से प्रस्ताव मेडिकल कालेज का राज्य सरकार के पास लंबित है और केन्द्र इस पर सहमत है कि राज्य सरकार यदि प्रस्ताव भेजती है तो इस पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
आबादी के मान से देखा जाए तो सतना की आबादी खजुराहो और दमोह की तुलना में ज्यादा है। इससे भी बड़ी बात यह है कि भौगोलिक संरचना के मान से वर्तमान में भी पन्ना जिले की ज्यादातर आबादी इलाज के लिये सतना का रुख करती है। इसके अलावा सतना में रेलवे और हवाई सेवा की भी उपलब्धता है। दमोह की बात करें तो उसकी कई तहसीलें अभी भी सागर से जुड़ाव रखती है और उनके पास मेडिकल कालेज के लिये जमीन भी नहीं है।
खजुराहो की आबादी और भौगोलिक स्थिति मेडिकल कालेज के मामले में सतना से बेहतर नहीं है। अब सबसे बड़ी बात आती है राजनीतिक दबाव और पहल की तो इसे अब सतना के जनप्रतिनिधियों को साबित करना होगा। कुलमिलाकर जहां के जनप्रतिनिधि ज्यादा दमदारी से अपना पक्ष रख सकेंगे और दबाव बना सकेंगे वहां मेडिकल कालेज खुलेगा।

अभी पांच मेडिकल कॉलेज, तीन इस सत्र में खुलने की संभावना
प्रदेश में 7 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज विदिशा, रतलाम, दतिया, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा में खोले जा रहे हैं। इनके भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसमें से तीन कॉलेजों के इसी सत्र से खुलने की संभावना है। अगले साल तक सातों कॉलेज शुरू हो जाएंगे। प्रदेश में एमबीबीएस की 600 सीटें बढेंगी। डॉक्टरों की कमी दूर होगी। फिलहाल प्रदेश में भोपाल, रीवा, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में मेडिकल कॉलेज हैं।