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मिल बांचे मध्यप्रदेश: बच्चों को पढ़ाया सफलता का पाठ, सांसद, विधायक, महापौर और कलेक्टर ने ली क्लास

नहीं चला टीवी, रेडियो पर सुनाया सीएम का भाषण, जिले की 3627 स्कूलों में 4899 वॉलिन्टियर हुए थे रजिस्टर
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सतना

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Suresh Mishra

•

Updated: 1 Sep 2018, 12:43 PM IST

Mil Banche Madhya Pradesh: Children lesson taught success

Mil Banche Madhya Pradesh: Children lesson taught success

सतना। राज्य शासन की ओर से आयोजित 'मिल बांचे मध्यप्रदेश' कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जिले की पाठशालाओं में कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को पढ़ाया गया। प्रदेश में यह तीसरा आयोजन है। इसमें बच्चों को विषय के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान व सफलता का मंत्र देने जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, खिलाड़ी एवं समाजसेवी सहित आमलोग पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे से जिले की 3627 स्कूलों में हुआ।

इसके लिए राज्य शासन ने 4899 वॉलिन्टियर तय किए थे। कार्यक्रम के शुभारंभ में बच्चों को रेडियो पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश सुनाया गया। इसके बाद बच्चों को प्रेरणा देने का दौर शुरू हुआ ,जिसमें किसी ने बच्चों को सफलता का मंत्र बताया तो किसी ने रोचक कहानियां सुनाई। कई लोगों ने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में शासन की ओर से दी जाने वाली योजनाओं के बारे में बताया।

विद्यालयों के बच्चों में भाषा कौशल उन्नयन, पाठ्य पुस्तकों के अतिरिक्त व्यवहारिक ज्ञान समझने की रुचि विकसित करने और सह-शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में बहुआयामी विकास की दृष्टि से कार्यक्रम आयोजित किया गया। मिल बांच मप्र कार्यक्रम के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित वालेंटियर छात्रों को पढ़ाने पहुंचे। जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत सीईओ साकेत मालवीय कामतन चित्रकूट, डीईओ बाबूपुर शासकीय हायर सेकंडरी विद्यालय, डीपीसी एनके सिंह सेमरी दुबे में छात्रों को नैतिकता, जीवन दर्शन और विषय से संबंधित जानकारी दी।

बच्चों से नहीं आया, शिक्षकों से पूछा
शासकीय माध्यमिक शाला भटनवारा में कलेक्टर मुकेश शुक्ला पहुंचे। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर साधना परस्ते भी साथ रहीं। उन्होंने बच्चों से संवाद किया। मुख्यमंत्री के मिल बांचे कार्यक्रम का संदेश टेलीविजन पर दिखाने की व्यवस्था की गई थी, पर प्रसारण के समय तकनीकी अड़चनों से रेडियो संदेश बच्चों को सुनाया गया। संदेश के पश्चात कलेक्टर ने बच्चों से पूंछा कि मिल बांचे क्या है और क्यों आयोजित किया जा रहा है। इस पर बच्चे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तब उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आप सब समझते हैं मिल बांचे कार्यक्रम क्या है और क्यों आयोजित किया जा रहा है। इस पर शिक्षकों ने बताया कि बच्चों के बीच प्रेरक संवाद स्थापित करने के लिए और पढ़ाई के बाद कॅरियर बनाने के लिए प्रेरित करने का कार्य समाज के लोगों, वरिष्ठ जनों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है। इस अवधि में कलेक्टर ने बच्चों से विषय के अंतर्गत सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी, गणित सब पर प्रश्न किए। उन्होंने पूछा कि प्रदेश की प्रमुख नदी कौनसी है, प्रमुख पर्वत कौनसे हैं, नेशनल पार्क क्या होता है। इस दौरान कलेक्टर ने बच्चों से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, अंग्रेजी, गणित सब पर प्रश्न किए। सूरदास, तुलसीदास की रचनाएं पूछी तो अंग्रेजी में आर्टिकल व टेन्स से जुड़े सवाल पूछे। कार्यक्रम के दौरान बीआरसी संजीव कुमार गुप्ता, सुनील गुप्ता, अशोक प्रताप सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

महापौर ने पढ़ाया पर्यावरण का पाठ
महापौर ममता पाण्डेय ने मिल बांच मप्र कार्यक्रम के तहत सुभाष पार्क स्थित नगर निगम की माध्यमिक शाला में बच्चों को पढ़ाने पहुंची। इस दौरान महापौर ने बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया। बच्चों से कहा कि अगर हम आसपास सफाई रखते हैं, तो हमें किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं हो सकती। इस मौके पर महापौर ने बच्चों से पूछा कि क्या किसी से १२ का पहाड़ा बनता है, तभी कई छात्रों ने हाथ उठा कर बोला हां। इसमें से कक्षा ८वीं के छात्र ने खड़े होकर १२ का पहाड़ा सुनाया, तो महापौर ने कहा कि आप लोग पढ़ाई में एेसे ही मेहनत करें, जिससे आगे चलकर बड़े राजनेता, सरकारी अफसर और बिजनेस मैन बने। महापौर ने विद्यालय परिसर को साफ-स्वच्छ बनाने, बाउंड्री में पेंटिंग करवाने सहित अन्य घोषणाएं की।

सांसद ने सुनाई कहानी
कोटर हायर सेकंडरी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने पहुंचे सांसद गणेश सिंह ने सबसे पहले बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर बनी फिल्म दिखाई। इसके बाद सांसद ने बच्चों को 'चलो जीते हैं' नामक प्रेरणादायी कहानी सुनाई। कहानी के माध्यम से बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीपन में यदि कुछ पाने और बनने का लक्ष्य निर्धारित कर लें, तो फिर उसे पाने से आपको कोई रोक नहीं सकता है। लेकिन अपने लक्ष्य को पाने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है इमानदारी और मेहनत। कार्यक्रम के अंत में मेधावी छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।

विधायक ने अपने छात्र जीवन का दिया उदाहरण
शासकीय माध्यमिक शाला खूंथी में मिल बांच मध्यप्रदेश कार्यक्रम के तहत वॉलेंटियर के रुप में छात्रों को पढ़ाने विधायक शंकरलाल तिवारी व निगम आयुक्त प्रवीण सिंह अढ़ायच पहुंचे। जिन्होंने बच्चों को छात्र जीवन का उदाहरण देकर समझाने का प्रयास किया। विधायक ने कहा कि जब हम लोग पढ़ते थे तो हमें तो बैठने के लिए टाट पट्टी तक नसीब नहीं होती थी, आज ज्यादातर स्कूलों में कुर्सी टेबल की व्यवस्था है। सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले छात्र एक न एक दिन बड़े अधिकारी व राजनेता जरुर बनते हैं। वहीं आयुक्त ने कहा कि मैं 12वीं तक सरकारी विद्यालय में ही पढ़ा हूं, इसलिए शासकीय विद्यालयों में चाहता हूं कि किसी भी प्रकार से आधुनिक तकनीक के संसाधनों कि कमी न रहे। जिससे यहां से निकलने वाले छात्र जिले, प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। आयुक्त ने कहा कि विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए हॉल बहुत छोटा है, इसलिए एक हाल बनवाया जाएगा और बच्चों को तकनीकी ज्ञान के लिए कम्प्यूटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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