13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चूल्हा व गैस सिलेंडर घर पर रखकर सहायिका खुद पकाकर लाएगी पोषाहार

बालकों की सुरक्षा के लिए है आदेश…यह निदेशालय के उच्च स्तरीय आदेश है। इसमें छोटे कमरों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर खाना बनाते समय कोई हादसा नहीं हो। गैस सिलेंडर के उपयोग के दौरान सावधानी बरतने व बालकों की सुरक्षा के लिए यह आदेश है।प्रियंका शर्मा, उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग सवाईमाधोपुर

2 min read
Google source verification

सवाईमाधोपुर. शहर के कोली मोहल्ले में सहायिका के घर पर रखा गैस चूल्हा व सिलेंडर।


  • जिले में ढाई से अधिक केन्द्र छोटे कमरे में संचालितसवाईमाधोपुर. प्रदेश सहित जिले में सरकार आंगनबाड़ी केन्द्रों को बदलने का प्रयास कर रही है मगर अब भी कई केन्द्र किराए के भवनों में ही संचालित किए जा रहे है। स्थिति यह है कि कई जगहों तो छोटे व संकरे कमरे में ही आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहे है। उधर, एक कमरे में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बैठने, सामान रखने एवं पोषाहार बनाने की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर अब कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को खुद के घर पर ही गैस चूल्हा पर सिलेंडर रखने के आदेश दिए है। घर से ही लाभार्थियों का पोषाहार बनाकर केन्द्रों पर लाएगी और वितरण करेगी। इस आदेश से जिले में कार्यरत कार्यकर्ता व सहायिकाओं में नाराजगी बनी है।
  • यह दिए है आदेशमहिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव ने गत दिनों एक फरमान जारी किया है। इसमें ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जो एक ही छोटे कमरे में संचालित है, जिनमें गैस सिलेंडर व चूल्हा रखने के लिए समुचित व पर्याप्त स्थान नहीं है, खिड़किया व रोशन नहीं है यानि पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है, उन केन्द्रों के लाभार्थियों के लिए पोषाहार कार्यकर्ता या सहायिका घर से पका कर लाया जा सकता है। अन्य सभी केन्द्रों पर पूरक पोषाहार केन्द्र ही पकाना है। इस आदेश के बाद स्थानीय महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक ने भी जिले के केन्द्रों पर कार्यरत कार्यकताओं को गैस चूल्हा व सिलेंडर अपने घर ले जाकर वहां पूरक पोषाहार तैयार करने के निर्देश दिए है। इसका कार्यकर्ताओं व सहायिका की ओर से विरोध किया जा रहा है।
  • विभाग का यह है तर्कगैस सिलेण्डर से अक्सर हादसे होते है। विशेषतौर पर एक छोटे कमरे में संचालित केन्द्र पर पोषहार बनाते समय गैस सिलेंडर से हादसा नहीं हो। ऐसे में बालकों की सुरक्षा की दृष्टि से यह आदेश जारी किया है। गैस सिलेंडर के उपयोग के समय सावधानी बरतने के संबंध में ही महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव ने यह आदेश निकाले है। हालांकि यह आदेश केवल शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में एक छोटे कमरे में संचालित केन्द्रों के लिए है।
  • कृषि मंत्री को सौंपा था ज्ञापनकिराए पर संचालित किए जा रहे छोटे कमरों में जगह नहीं होने से अब बच्चों का पोषाहार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं व सहायिकों को अपने घर पर गैस चूल्हा व सिलेंडर ले जाने के निर्देश दिए है। इससे खफा महिला कार्यकर्ता व सहायिकों ने कृषि मंत्री व जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर आदेश को निरस्त कराने की मांग की है।फैक्ट फाइल…-सवाईमाधोपुर व गंगापुरसिटी जिले में संचालित कुल आंगनबाड़ी केन्द्र-1117-किराए के भवनों में संचालित केन्द्र-282-सरकारी स्कूलों में संचालित केन्द्र-242-सामुदायिक केन्द्र या अन्य सरकारी भवनों में संचालित केन्द्र-50-सवाईमाधोपुर जिले में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र-684-विभागीय भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र-543-3 से 6 साल के बच्चो की संख्या-29 हजार 227……………………………

बालकों की सुरक्षा के लिए है आदेश…
यह निदेशालय के उच्च स्तरीय आदेश है। इसमें छोटे कमरों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर खाना बनाते समय कोई हादसा नहीं हो। गैस सिलेंडर के उपयोग के दौरान सावधानी बरतने व बालकों की सुरक्षा के लिए यह आदेश है।
प्रियंका शर्मा, उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग सवाईमाधोपुर


बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग