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पढ़ाई में अगर आपका बच्चा है कमजोर तो उसे खिलाएं ये चीज

अध्ययन में यह सामने आया कि पॉम आयल कैप्सूल वाले बच्चों की तुलना में वसा अम्लों के प्रयोग वाले बच्चों में पढऩे के तरीके में अधिक सुधार हुआ है

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Kamal Singh Rajpoot

Jun 03, 2017

Study

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हर मां-बाप का यह सपना होता है कि उसका बच्चा पढ़ाई में होशियार हो और उसका दिमाग तेज हो। लेकिन यदि किसी का बच्चा पढऩे में कमजोर है, उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो ऐसे माता-पिता का चिंता करने की जरूरत नहीं है। हाल ही में एक अध्ययन में यह बात पता चली है कि स्कूली बच्चों को ओमेगा-3 की खुराक देने से उनका पढ़ाई में अच्छी तरह से मन लगता है। साथ ही उनकी याददाश्ता भी बढ़ती है।

ओमेगा-3 को मछली के तेल (वसा अम्ल), समुद्री भोजन और कुछ कवक द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। ओमेगा-3 के सेवन से स्कूली बच्चों के पढऩे के स्तर में सुधार होता है। अध्ययन में बताया गया कि यदि इन इन वसा अम्लों की खुराक देकर पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहे बच्चों की मदद की जा सकती हैं। स्वीडन के गोटेबर्ग विश्वविद्यालय के सालग्रेनस्का एकेडमी के मैट्स जानसन का कहना है कि बच्चों को इस खास तरह के आहार से मदद मिलेगी।

आपको बता दें यह अध्ययन स्वीडेन में तीसरी श्रेणी के नौ और दस साल के 154 स्कूली बच्चों पर किया गया था। अध्ययन के दौरान स्कूली बच्चों की एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (लोगोस परीक्षण) ली गई। इसमें उनके कई तरह के पढऩे के तरीके, पढऩे की गति, निर्थक शब्द और शब्दावली के पढऩे की क्षमता की की माप की गई। इस दौरान बच्चों को तीन महीने तक ओमेगा-3 और ओमेगा-6 के कैप्सूल या एक तरह के पॉम आयल वाले कैप्सूल दिए गए।

अध्ययन में यह सामने आया कि पॉम आयल कैप्सूल वाले बच्चों की तुलना में वसा अम्लों के प्रयोग वाले बच्चों में पढऩे के तरीके में अधिक सुधार हुआ है। इनमें निर्थक शब्दों को भी सही तरीके उच्चारण करने की क्षमता आई और शब्दों को सही क्रम में तेजी से पढऩे में भी सुधार हुआ।

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