आपको बता दें यह अध्ययन स्वीडेन में तीसरी श्रेणी के नौ और दस साल के 154 स्कूली बच्चों पर किया गया था। अध्ययन के दौरान स्कूली बच्चों की एक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (लोगोस परीक्षण) ली गई। इसमें उनके कई तरह के पढऩे के तरीके, पढऩे की गति, निर्थक शब्द और शब्दावली के पढऩे की क्षमता की की माप की गई। इस दौरान बच्चों को तीन महीने तक ओमेगा-3 और ओमेगा-6 के कैप्सूल या एक तरह के पॉम आयल वाले कैप्सूल दिए गए।