वर्षा व रूबी तो महज उदाहरण हैं। स्कूलों में तय समय सीमा में फीस नहीं भरने की सूचना के नाम पर सजा बच्चों की दी जा रही है। करीब सभी स्कूलों में यही हाल है। स्कूल प्रशासन पैरेंट्स से सीधे संपर्क करने के बजाय सूचित करने के नाम पर बच्चों की डायरी में या तो नोट डालते हैं या फिर परीक्षा में न बैठने देने की धमकी देते हैं। इसका बच्चों के मानसिक स्थिति व पढ़ाई पर असर पड़ सकता है।