sehore weather : सात साल बाद 19 जुलाई का पारा 35.5 डिग्री पर

sehore weather : सात साल बाद 19 जुलाई का पारा 35.5 डिग्री पर

Kuldeep Saraswat | Updated: 20 Jul 2019, 11:29:14 AM (IST) Sehore, Sehore, Madhya Pradesh, India

रिमझिम बारिश के बाद भी शहरवासियों को नहीं मिली गर्मी से राहत

सीहोर. मौसम की बेरूखी किसानों की चिंता बढ़ाने लगी है। बीते करीब 12 दिन से बारिश नहीं होने को लेकर फसलों पर संकट के बादल मडराने लगे हैं। शुक्रवार को को दोपहर बाद कुछ तेज के लिए बंूदाबांदी हुई, लेकिन गर्मी तेज होने के कारण राहत नहीं मिली है, उल्टा लोग उमस से परेशान होने लगे हैं। जुलाई के महीने में ऐसा सात साल बाद हो रहा है जब पारा 35 डिग्री के आसपास रेकॉर्ड किया जा रहा है। छह साल बात 19 जुलाई को शहर का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सिय रेकॉर्ड किया गया है।

आरएके कृषि महाविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद से मौसम बदलने लगा है, तेज बारिश की संभावना बन रही है। जिले में रविवार से तेज बारिश शुरू हो सकती है। डॉ. तोमर ने कहा है कि यदि बारिश नहीं होती है तो यह समय फसलों के लिए अनुकूल नहीं है। किसान फसल को खराब होने से बचाने के लिए हल्की सिंचाई कर सकते हैं। डॉ. तोमर ने बताया कि शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रेकॉर्ड किया गया है।a

जिले में 90 फीसदी से ज्यादा बोवनी
किसान खरीफ की बोवनी का कार्य लगभग पूरा कर चुका है। इस बार कृषि विभाग ने खरीफ की बोवनी का लक्ष्य 3 लाख 78 हजार तय किया था, जिसमें से अभी तक करीब 3 लाख 70 हजार हेक्टेयर में खरीफ की बोवनी हो चुकी है। जिले में बोवनी का कार्य 18 जून के बाद शुरू हो गया था, इस हिसाब से अधिकांश क्षेत्र में फसल 20 से 25 दिन की हो गई है। पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन जिले में बीते करीब 10 दिन से सूखा पड़ा हुआ है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
आगामी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आसमान में हल्के घने बादल से घने बादल छाए रहेंगे। तेज हवाओं का दौर से राहत रहेगी। इस दौरान जिले में 48 घंटे बाद मध्यम से हल्की भारी वारिश होने का अनुमान है। दिन एवं रात्रि के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हवाओं की दिशा दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम रहेगी। हवाओं की गति सामान्य से अधिक 8.4 से 15.2 किमी प्रति घंटे रेकॉर्ड की जाएगी।
किसानों को समसामयिक सलाह
- सोयाबीन की फसल में सूखे की स्थिति में भूमि की नमी को सरंक्षित करने के लिए वे शीघ्र अतिशीघ्र डोरा, कुलपा चलाएं तथा पलवार का प्रयोग करें।
- बारिश नहीं होने पर सुविधा अनुसार सिंचाई की व्यवस्था करें और पोटेशियम नाईट्रेट (1 प्रतिशत) या ग्लिसरॉल, मेग्नेशियम कार्बोनेट(5 प्रतिशत) का छिड़काव करें।
- सोयाबीन की फसल 15-20 दिन की हो एवं बोवनी के तुरंत बाद उपयोगी अनुशंसित खरपतवारनाशकों का प्रयोग नहीं किया हो, उन स्थानों में सोयाबीन की खड़ी फसल में अनुशंसित खरपतवारनाशक जैसे इमोझेथापायर का छिड़काव करें।
- किसानों के खेतों में केवल चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार पाए जाते हों तो क्लोरीम्यूरान इथाइल का छिड़काव करें।

पारे की चाल
तिथि अधिकतम न्यूनतम
10 जुलाई 29.5 24.5
11 जुलाई 29.5 24.5
12 जुलाई 35.7 25.2
13 जुलाई 34.5 25.8
14 जुलाई 33.5 25.5
15 जुलाई 33.1 25.2
16 जुलाई 33.1 25.1
17 जुलाई 33.8 26.2
18 जुलाई 33.0 25.0

सात साल का रिकॉर्ड
साल अधिकतम न्यूनतम
2013 28.0 23.5
2014 29.8 24.0
2015 24.1 23.0
2016 29.5 24.0
2017 26.5 21.5
2018 25.3 24.0
2019 35.5 25.5

वर्जन....
- फसल को सिंचाई की जरूरत है। यदि बारिश नहीं होती है तो फसल को नुकसान होगा। फसल की सुरक्षा के लिए किसान सिंचाई करें। रविवार से बारिश की संभावनाएं बन रही हैं।
डॉ. एसएस तोमर, कृषि एवं मौसम विशेषज्ञ आरएके कृषि महाविद्यालय सीहोर

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