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चार वर्षीय बालक की जेल में बिगड़ी थी तबियत, अस्पताल में उपचार के दौरान मौत

locationशाहडोलPublished: Dec 26, 2023 12:27:03 pm

Submitted by:

shubham singh

जेल में सजा काट रहे माता-पिता के साथ रहता था बालक

चार वर्षीय बालक की जेल में बिगड़ी थी तबियत, अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
चार वर्षीय बालक की जेल में बिगड़ी थी तबियत, अस्पताल में उपचार के दौरान मौत

शहडोल. जिला जेल में मां के साथ रह रहे एक चार वर्षीय बालक की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। क्रिश जाटव पिता रघुनाथ जाटव 4 वर्ष मां पूजा सिंह गोड़ निवासी रामपुर बंधिया विदिशा के साथ शहडोल जेल में 18 दिसंबर से था। पिता पहले से जेल में था। इसी दौरान 23 दिसम्बर को उसकी तबियत बिगड़ गई। जिसे जेल प्रबंधन ने शाम करीब 4 बजे जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया। बालक को चिकित्सकों ने पीआईसीयू वार्ड में भर्ती किया, जहां उपचार के दौरान 24 दिसम्बर की शाम साढ़े 4 बजे उसकी मौत हो गई। रात में बालक के शव को फ्रीजर में रख दिया गया था। सोमवार की सुबह जेल प्रबंधन ने न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण कराई लेकिन देर शाम तक पीएम नहीं हो सका। मृतक क्रिश जाटव की मां पूजा सिंह गोंड़ व पति रघुनाथ जाटव निवासी रामपुर बंधिया जिला विदिशा दोनों पति-पत्नी को शहडोल न्यायालय ने 2021 के एक प्रकरण में 18 दिसम्बर 2023 को सात वर्ष के कारावास से दंडित किया है। महिला को 18 दिसम्बर को जेल में दाखिल कराया गया था। महिला के साथ उसका 4 वर्षीय पुत्र क्रिश भी साथ में दाखिल हुआ था। जबकि पिता रघुनाथ जाटव पहले से ही जेल में बंद था। शनिवार को बालक की तबियत बिगड़ी जिसके बाद जेल प्रबंधन अस्पताल में भर्ती कराया था।
डॉक्टरों की टीम करेगी शव का पीएम
रविवार की शाम करीब 4.30 बजे बालक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मौत के बाद बालक के शव को जेल के सिपाहियों ने फ्रीजर में रखा दिया। सोमवार की सुबह से न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई और शाम करीब साढ़े 5 बजे तक न्यायिक अभिरक्षा में शव का पंचनामा तैयार किया गया। शाम हो जाने के कारण शव परीक्षण मंगलवार की सुबह किया जाएगा। सोमवार को जिला चिकित्सालय में न्यायिक अभिरक्षा के साथ जेल से मृतक के पिता रघुनाथ जाटव को पुलिस लेकर अस्पताल पहुंची, जहां पिता की उपस्थित में पंचनामा तैयार किया गया। पंचनामा के लिए शव को जैसे ही फ्रीजर से बाहर निकाला गया तो पिता अपने पुत्र से लिपट कर विलाप करना शरू कर दिया। पिता की उपस्थिति में पंचनामा की कार्रवाई पूर्ण कराई गई। जबकि मां को जेल पुलिस नहीं लेकर आई थी।

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