गांव की महिलाओं ने खुद को सशक्त बनाने बच्चों को पहनाई यूनिफार्म

महिलाएं खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ ही सशक्त हो रही हैं

By: Subodh Tripathi

Updated: 04 Oct 2021, 06:25 PM IST

शहडोल. गांव की महिलाओं ने खुद को सशक्त बनाने के लिए ऐसा काम हाथ में लिया है, जिससे बच्चों को गणवेश और उनको अच्छी आमदानी हो रही है, इससे जहां एक ओर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों को भी समय पर यूनिफार्म मिलने से नए नए कपड़ों में स्कूल जाने की सौगात मिल रही है।


दरअसल, जिले की ग्रामीण महिलाएं खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ ही सशक्त हो रही हैं। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का काम हाथ में लिया है, जिससे उनका समय भी कट जाता है और वे आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं, क्योंकि समूह के रूप में उन्हें यूनिफार्म सिलने पर कुछ राशि मिलती है, ऐसे में उन्होंने अभी तक करीब २ लाख से अधिक गणवेश तैयार कर दिए हैं।

गांव की महिलाओं ने खुद को सशक्त बनाने बच्चों को पहनाई यूनिफार्म

कलेक्टर वंदना वैद्य और अपर कलेक्टर अर्पित शर्मा और जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह के निर्देश पर महिलाओं को अलग अलग क्षेत्र में प्रशिक्षित कर उन्हें संबंधित रोजगार से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में जिन महिलाओं ने सिलाई और कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया है, उन्हें गणवेश सिलाई का काम सौंपा है।

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201 समूह ने तैयार की 2 लाख से अधिक गणवेश
जिले में करीब 201 महिलाओं के समूह ने करीब 2 लाख 11 हजार 958 यूनिफार्म तैयार कर दी है, जो जिले के करीब 1996 शासकीय विद्यालयों के बच्चों को प्रदान की जाएगी।

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प्रति यूनिफार्म 50 से 80 रुपए


महिलाओं को यूनिफार्म क सिलाई, बटन, प्रेस, पैकजिंग और विद्यालयों में वितरण की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस मान से उन्हें प्रति यूनिफार्म करीब 50 से 80 रुपए शासन द्वारा मुहैया कराए जा रहे हैं। जिसमें प्रति गणवेश आने वाले खर्च के बाद बची हुई राशि लाभ रहेगी। इस प्रकार अब तक करीब 1900 विद्यालयों में गणवेश भी वितरित कर दी गई है।

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