हाय मजबूरी : नहीं मिल रहे थे दाम किसानों ने खड़ी फसल पर चला दिया ट्रैक्टर

  • किसानों काे नहीं मिल रही गाेभी की कीमत
  • कीमत ना मिलने से परेशान हैं सब्जी किसान

By: shivmani tyagi

Published: 18 Dec 2020, 06:27 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
शामली ( Shamli ) शामली की यह घटना बता देगी कि किसान ( kisan ) किन हालातों से गुजर रहे हैं। मंडियों में जब गाेभी का दाम एक रुपये किलाे भी नहीं मिला तो इससे किसान इतने टूट गए कि उन्होंने अपनी लहलहाती 15 बीघा गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चलावा दिया। आप साेच रहे हाेंगे कि अगर दाम कम मिल रहे थे ताे ट्रैक्टर चलाने की क्या जरूरत थी कम दाम में ही बेच लेते ? आपके इस सवाल का जवाब यह है कि किसानाें के अऩुसार फसल काे कटवाकर मंडी तक ले जाने में जाे खर्च हाे रहा था उससे बचने के लिए उन्हाेंने मजबूरी में फसल काे नष्ट किया है।

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अपनी फसल काे मजबूरी में नष्ट करने वाले किसानाें ने नए कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग की है। दिल्ली में लगाातार किसान आंदाेलन कर रहे हैं। इन्ही किसानों का समर्थन करते हुए शामली में फसल नष्ट करने वाले किसानाें ने कहा है कि अगर नया कानून आया ताे इससे बुरे हालात हाे जाएंगे। शामली के कैराना क्षेत्र के दो किसानों ने अपनी करीब 15 बीघा गोभी की लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। मायापुर निवासी किसान रमेश ने बताया कि उन्हाेंने खून पसीने से अपने खेत में करीब 5 बीघा शानदार गोभी की फसल उगाई थी। पिछले दिनों वह गोभी के 76 कट्टे दिल्ली मंडी में बेचने के लिए ले गए लेकिन वहां पर कई दिन तक भी उसकी गोभी नहीं बिक पाई। बिक्री नहीं हाेने से वह खराब हो गई थी। इस घटना के बाद भई उन्हाेंने हार नहीं मानी और वह दूसरी मंडियों में अपनी गाेभी काे लेकर गए। किसान की अऩुसार दूसरी मंडियों में उन्हे फसल का दाम एक रुपये किलो मिला। किसान ने बताया कि गाेभी की फसल काे तैयार करने में 4 से 5 हजार रुपए प्रति बीघा का खर्च आया था।

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जितना पैसा मंडी से मिल रहा है उससे कहीं अधिक खर्च फसल काे मंडी तक ले जाने में आ रहा था। इससे परेशान हाेकर उन्हाेंने अपनी बाकी बची करीब एक लाख रुपए की कीमत की गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दी। इसके अलावा गांव झाडखेड़ी निवासी किसान तनवीर ने भी अपनी करीब 10 बीघा फसल जिसकी कीमत करीब दो लाख रुपए मानी जा रही है उसे भी नष्ट कर दिया। किसान तनवीर ने बताया कि जितने रुपए खर्च करके वह गोभी को मंडी लेकर जाएंगे वहां पर उसका मूलधन भी वापस नहीं होने वाला हैं। लिहाजा फसल को खेत में ही नष्ट कर देना सही हैं।

बिचाैलिये हाे रहे मालामाल
किसान की गाेभी एक रुपये किलाे भी नहीं बिक रही और अगर बाजार में बिकने वाली गोभी की बात की जाएं तो नगर के बाज़ारों में फूलगोभी 10 से 15 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहीं हैं। इसके अलावा दिल्ली, नोएडा सहित अन्य बड़े शहरों में फूलगोभी 35 से 40 रुपए प्रति किलोग्राम तथा पत्ता गोभी 20 से 25 रूपए प्रति किलोग्राम बिक रही है। ऐसे में साफ है कि देश का किसान मुसीबत में हैं और मलाई बिचाैलिएं खा रहे हैं।

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