प्रयागराज से लाई गईं ईंट और 11 नदियों के जल से पूजन कर रखी राम मंदिर की आधारशिला

श्योपुर क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिले भर में जनआस्था का केंद्र देवरी धाम हनुमान मंदिर परिसर अब भव्य राममंदिर का भी गवाह बनेगा। अयोध्या की तर्ज पर यहां बनाए जाने वाले भव्य राममंदिर का भूमि पूजन बुधवार को उसी मुहूर्त में किया, जिसमें अयोध्या में भूमि पूजन हुआ।

By: rishi jaiswal

Published: 05 Aug 2020, 11:04 PM IST

सोंई/श्योपुर. श्योपुर क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिले भर में जनआस्था का केंद्र देवरी धाम हनुमान मंदिर परिसर अब भव्य राममंदिर का भी गवाह बनेगा। अयोध्या की तर्ज पर यहां बनाए जाने वाले भव्य राममंदिर का भूमि पूजन बुधवार को उसी मुहूर्त में किया, जिसमें अयोध्या में भूमि पूजन हुआ। प्रयागराज से लाई गईं 11 ईंटों के साथ ही तमाम चीजें नींव में रखी गई और 11 नदियों से लाए जल के साथ पूजन कर आधारशिला रखी गई।


महामंडलेश्वर संत रामदासजी की पहल पर बनाए जा रहे देवरीधाम के इस राममंदिर का भूमि पूजन बुधवार को दोपहर साढ़े 12 बजे से अयोध्या के साथ-साथ हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर की आधार शिला रखी गई, जिसके लिए प्रयागराज से 11 ईंटें लाकर रखी गईं। वहीं रामेश्वरम्, गंगोत्री, जमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, भरत कोप आदि स्थानों से गंगा, यमुना, मंदाकिनी, नर्मदा, चंबल, सीप, बनास आदि 11 नदियों का जल लाया गया और शिला पूजन किया गया। इस दौरान नींव में सवा करोड़ राम नाम लिखा रजिस्टर, सवा किलो चांदी की वस्तुएं (नारियल, नाग-नागिन, कछुआ, श्रीयंत्र), पांच किलो सिक्के आदि चीजें रखी। भूमि पूजन के दौरान श्रीराम के जयकारे लगते रहे।


अयोध्या के लिए जहां से गए पत्थर, वहां से ही आएंगे देवरी धाम में
अयोध्या के राममंदिर के लिए जिस कृष्णा डूंगरी से पत्थर ले जाए गए हैं, वहीं से देवरीधाम के राममंदिर के लिए पत्थर लाए जाएंगे। इसके लिए सिकंदराबाद के कारीगरों को टेंडर दिया गया है। लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस भव्य मंदिर के लिए जनसहयोग मांगा जा रहा है। 31 बाई 56 फीट के भूखंड पर बनने वाले मंदिर में 12 फीट का बेसमेंट और 12 फीट का गर्भग्रह होगा, उसके बाद 51 फीट ऊंचा शिखर बनेगा।

अयोध्या की तर्ज पर देवरी धाम में राममंदिर बनाने का संकल्प लिया है, जिसका भूमि पूजन किया गया है। जनसहयोग से बनने वाले मंदिर के लिए हमारा प्रयास रहेगा कि अयोध्या के साथ ही इसका निर्माण पूर्ण हो।
संत रामदास महाराज, महामंडलेश्वर, देवरीधाम श्योपुर

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