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बर्फ ही बर्फ: कुदरत ने निखारी पहाड़ों की खूबसूरती...

locationशिमलाPublished: Feb 03, 2024 12:51:38 am

Submitted by:

satyendra porwal

हिमाचल: छह नेशनल हाईवे समेत 411 से ज्यादा सड़कें बंद
शिमला. हिमाचल प्रदेश में दो दिन की हिमपात से छह राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 411 से ज्यादा सड़कें व 1506 विद्युत ट्रांसफॉर्मर बंद हो गए हैं। शिमला, चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिला के सैकड़ों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है व हजारों गांवों में ब्लैक आउट हो गया है।

बर्फ ही बर्फ: कुदरत ने निखारी पहाड़ों की खूबसूरती...
बर्फ ही बर्फ: कुदरत ने निखारी पहाड़ों की खूबसूरती...
बर्फ जमने से पहाड़ों की सड़कें बेहद खतरनाक
बर्फ जमने से पहाड़ों की सड़कें बेहद खतरनाक हो गई हैं। इसे देखते हुए पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को ऐसी जोखिम भरी सड़कों पर सफर न करने की सलाह दी है। शिमला-रामपुर राजमार्ग बंद होने से अपर शिमला का राजधानी से संपर्क कट गया है। राजधानी शिमला में भी सड़कों में काफी फिसलन हैं। यातायात प्रभावित है। वहीं ठियोग-रोहडू राष्ट्रीय राजमार्ग और ठियोग-चौपाल हाईवे बंद पड़ा है। सैंज-लुहरी राजमार्ग भी बंद है। इसके अगले तीन-चार दिन तक खुलने की संभावना नहीं है। रिकांगपिओ-कल्पा, मनाली-केलांग, समदो-काजा और चंबा-भरमौर राजमार्ग बंद पड़े हैं। इससे 376 रूट अकेले हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों के प्रभावित हुए। लगभग 250 रूटों पर प्राइवेट बसें भी नहीं चल पाई। शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति और चंबा में सैकड़ों छोटी बड़ी गाडिय़ां भारी हिमपात से सड़क किनारे फंसी है।
ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि तीन और चार फरवरी को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हिमपात से यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित है। राज्य के शिमला, मनाली, डलहौजी, कुफरी, नारकंडा और खजियार सहित प्रमुख पर्यटन स्थल बर्फ की मोटी परतों से ढके हैं। राज्य में शुक्रवार सुबह धूप खिली और लोग मौसम की खूबसूरती को निहारते दिखे। चारों ओर पेड़-पौधे और घर के छतें सफेद चादर से लिपटी हैं और मनोरम दृश्य देख पर्यटकों के चेहरों में खुशी है। शिमला में इस सीजन का पहला हिमपात हुआ। मौसम में बदलाव से न केवल स्थानीय लोगों को शुष्क मौसम से राहत मिली, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला है। शिमला, कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा के जिला प्रशासन में भी शीतलहर की स्थिति है। छह राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर हिमपात के कारण बर्फ की मोटी चादर है।
ये प्रमुख मार्ग बर्फ से बाधित
मनाली से केलोंग और कुफरी से नारकंडा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग तीन और पांच पर फिसलन भरी काली बर्फ जमी हुई है। राज्य में कई प्रमुख मार्ग बंद है जिनमें चंबा में चंबा-जोत, खजियार-डलहौजी, तीसा-चंबा और चंबा में पांगी रोड, किन्नौर में राष्ट्रीय राजमार्ग पांच नाथपा-निचार, सांगला-चितकुल और रिकांगपिओ-करछम (वाया शिल्टी), राष्ट्रीय राजमार्ग-22 खडूरा और खोरीगोम्पा शामिल हैं। रोहतांग दर्रा एनएच 03 और मनाली-अटल सुरंग, एनएच-305 जालोरी जोत, दारचा से सरचू, दारचा-शिंकुला और लोसर से ग्राम्फू, टांडी-खाडू नाला से एसकेटीटी, एनएच-505 (एसकेजी ग्राम्फू-लोसर (लाहौल) स्पीति), एनएच-5 ढली-कुफरी-फागू, शिमला-ठियोग, ठियोग-नारकंडा, खड़ापत्थर रोहड़ू-सुंगरी, चिरगांव-रोहल, देहा-चोपाल और शिमला में नारकंडा-कोटगढ़ सभी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हैं।

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